भीम सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें राहुल गांधी से कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है, लेकिन वह नहीं चाहते कि इंदिरा गांधी परिवार का कोई सदस्य उनके धरने में शामिल हो। उनका कहना है कि परिवार की आस्था श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ी हुई है और वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
राहुल गांधी के धरने में पहुंचने पर क्यों जताई आपत्ति?
भीम सिंह के मुताबिक, यदि राहुल गांधी या बेअंत सिंह परिवार का कोई सदस्य धरना स्थल पर पहुंचता है तो उन्हें पंथ से निष्कासित किए जाने या तनखैया घोषित होने का डर है। इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस नेता से धरने में शामिल नहीं होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि बेटे की हत्या के बाद वह नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उनका मकसद पंजाब को नशे से मुक्त कराना और अपने बेटे को न्याय दिलाना है।
विधायक और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी साधा निशाना
भीम सिंह ने धरने को लेकर स्थानीय विधायक की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधायक को इस तरह की प्रतिक्रिया देना शोभा नहीं देता। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री भगवंत मान की जमानत जब्त करवाने के लिए लोग तैयार हैं।
गौरतलब है कि एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को एक केमिस्ट ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से उनके पिता भीम सिंह नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
2027 चुनाव से पहले पंजाब में नशा बना बड़ा मुद्दा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए अहम होता जा रहा है। विपक्षी दल लगातार आम आदमी पार्टी सरकार को इस मुद्दे पर घेर रहे हैं। वहीं, बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस भी नशे के खिलाफ रैलियों और अभियानों के जरिए सरकार पर दबाव बनाने में जुटे हैं। ऐसे में राहुल गांधी के संभावित संगरूर दौरे और परविंदर झोटा के परिवार की अपील ने पंजाब की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
