IND vs NZ: मोहम्मद सिराज को बाहर करना साबित हुआ सही फैसला! 130 की रफ्तार वाले अंशुल कंबोज ने मचाया तहलका, वर्ल्ड कप के लिए ठोकी दावेदारी

भारतीय क्रिकेट टीम ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में टीम मैनेजमेंट ने मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज को बाहर रखकर युवा गेंदबाजों पर भरोसा जताया। यह फैसला काफी हद तक सही साबित हुआ। खासतौर पर हरियाणा के युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और अपनी वर्ल्ड कप दावेदारी भी मजबूत की।

अंशुल कंबोज ने 22 रन देकर झटके 2 विकेट

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में अर्शदीप सिंह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे थे। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा अंशुल कंबोज की गेंदबाजी की हुई।

अंशुल ने अपने 10 ओवर के स्पेल में सिर्फ 22 रन खर्च किए और दो विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने दो मेडन ओवर भी डाले। उनकी गेंदबाजी की सबसे खास बात कसी हुई लाइन और लेंथ रही, जिसकी वजह से कीवी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए।

130 की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं अंशुल

हरियाणा से आने वाले अंशुल कंबोज की औसत गेंदबाजी गति लगभग 128 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है। वह आमतौर पर 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं।

हालांकि, उनकी असली ताकत सिर्फ रफ्तार नहीं, बल्कि गेंद पर नियंत्रण और दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता है। वह अपनी सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को दबाव में डालने में माहिर हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में कप्तान शुभमन गिल ने भी उन पर काफी भरोसा दिखाया। अंशुल के सभी 10 ओवर पारी के 33वें ओवर तक पूरे करा दिए गए। इससे साफ हुआ कि टीम मैनेजमेंट उनके प्रदर्शन से कितना प्रभावित था।

पहले वनडे में फ्लॉप रहे थे अंशुल, अब किया शानदार प्रदर्शन

अंशुल कंबोज के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे पहले उन्होंने सिर्फ एक वनडे मुकाबला खेला था। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पिछले वनडे मैच में वह काफी महंगे साबित हुए थे।

इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें न्यूजीलैंड दौरे पर मौका दिया और उन्होंने अपनी गेंदबाजी से इस भरोसे को सही साबित किया। अब उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम के गेंदबाजी विकल्पों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

2027 वर्ल्ड कप के लिए मजबूत हुई दावेदारी

भारत का न्यूजीलैंड दौरा 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में कुछ समानताएं हैं। ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट के पास युवा खिलाड़ियों को परखने का अच्छा मौका है।

अगर अंशुल कंबोज इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं तो वह आगामी वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं। टीम इंडिया को ऐसे गेंदबाजों की जरूरत होगी, जो अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी लाइन-लेंथ और स्विंग से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर सकें।

अर्शदीप और गुरनूर ने भी बरपाया कहर

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा चार विकेट हासिल किए। हालांकि, उन्होंने अपने 10 ओवर में 70 रन भी खर्च किए।

वहीं, युवा गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने भी तीन विकेट चटकाकर अपनी उपयोगिता साबित की। अंशुल कंबोज ने दो विकेट लेकर कीवी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

इस तरह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट का भरोसा मजबूत किया। अब देखना होगा कि अंशुल कंबोज आने वाले मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या वह 2027 वर्ल्ड कप की टीम में अपनी जगह बना पाते हैं।

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