पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “रणछोड़ अखिलेश, पहले चुनौती दी, अब भाग खड़े हुए। अब क्या सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे? यह बिल्कुल वैसी ही बात है, जैसे बिना चुनाव के रिजीम चेंज। यही सपाइयों की सच्चाई है। जब सत्ता में थे, तब नोएडा जाने से डरते थे। अब चुनाव लड़ने से डर रहे हैं।”
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
दरअसल, वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव से पत्रकारों ने विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया था। इस पर उन्होंने कहा था, “हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं जब चुनाव नहीं लड़ते हैं।” उन्होंने 2012 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी वह विधानसभा चुनाव लड़े बिना सीधे मुख्यमंत्री बने थे।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा था कि इस बार भी वह वही करेंगे, जो उनके लिए शुभ होगा। उनके इसी बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने उन पर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। कुछ नेताओं ने अखिलेश यादव पर चुनाव में जीत के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने का आरोप भी लगाया है। इससे पहले ओम प्रकाश राजभर उनके लंबे बालों को लेकर भी टोटका करने का तंज कस चुके हैं।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्रा पर भी बोले पंकज चौधरी
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी देश के लोगों को गुमराह करने तथा लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
पंकज चौधरी ने कहा कि कुछ लोग शासन बदलने की बात करते हैं और बांग्लादेश से प्रेरणा लेने जैसे बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां सत्ता परिवर्तन वोट के माध्यम से होता है, अराजकता के जरिए नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी पदयात्रा के माध्यम से देशभर में लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। पार्टी का संदेश है कि देश लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के आधार पर चलेगा, न कि अराजकता के आधार पर।
