पदयात्रा के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रयास है। सीएम ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जितना मजबूत होगा, देश विकास के लक्ष्यों की ओर उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें विकसित और आत्मनिर्भर भारत की राह में बाधा पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बाधाओं को दूर करने के लिए बीजेपी जनता के बीच पदयात्रा लेकर आई है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके INDIA गठबंधन पर दिल्ली में अराजकता का माहौल बनाने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने का आरोप भी लगाया।
चुनाव में हार के बाद EVM पर सवाल उठाती है कांग्रेस: योगी
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनाव जीतते हैं तो इसे अपनी मेहनत और पुरुषार्थ का नतीजा बताते हैं। लेकिन चुनाव में हार मिलने पर वे EVM को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं। योगी ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया जनता के सामने है।
SIR को लेकर भी विपक्ष पर हमला
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, 1952, 1962 और 2003 सहित अलग-अलग समय पर यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का समर्थन किया जाता था, लेकिन अब चुनाव आयोग की ओर से यह प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने पर विपक्ष विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के साथ-साथ मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन हंगामा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगियों को इस मुद्दे पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि किसी विदेशी नागरिक का मतदाता सूची में नाम शामिल होना गरीब और वंचित भारतीय नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करता है। इसलिए ऐसे नामों को सूची से हटाना जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भारत तथा संविधान को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने वाली संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
