ट्विशा शर्मा के पिता ने मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। 16 अक्टूबर को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया था। इसी के जवाब में सीबीआई ने अपना हलफनामा दाखिल किया है। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
पूर्व जिला जज हैं आरोपी गिरिबाला सिंह
सीबीआई ने हलफनामे में बताया है कि आरोपी गिरिबाला सिंह भोपाल की पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। घटना के समय वह भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष थीं। वहीं, दूसरे आरोपी समर्थ सिंह भोपाल में वकालत करते हैं।
एजेंसी के मुताबिक, गिरिबाला सिंह के न्यायिक पद पर रहने के कारण मुकदमे की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, गवाहों पर दबाव बनाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सीसीटीवी फुटेज और सबूत प्रभावित करने का आरोप
सीबीआई ने अपने हलफनामे में जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज की कॉपी हासिल करने के लिए एक तकनीशियन को बुलाया था।
इसके अलावा, उन्होंने उस ब्यूटी पार्लर की मालकिन से भी पूछताछ की थी, जहां ट्विशा 12 मई 2026 को गई थीं। आरोप है कि गिरिबाला ने अपने लोगों के माध्यम से वहां की सीसीटीवी फुटेज भी मंगवाई थी। सीबीआई ने यह भी कहा है कि ट्विशा की मौत के बाद घटनास्थल और सबूतों को प्रभावित किया गया।
चार्जशीट से हटाए गए दहेज से जुड़े आरोप
सीबीआई ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 (क्रूरता), धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।
हालांकि, एफआईआर में लगाए गए दहेज से जुड़े आरोपों को चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है। लेकिन सीबीआई ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि दहेज के कारण हुई मौत और मामले के अन्य पहलुओं से संबंधित आरोपों की जांच अभी जारी है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में यह तय होगा कि मुकदमे को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग पर क्या रुख अपनाया जाता है।
