Neeraj Yadav Death News: दिल्ली में हुआ पोस्टमार्टम
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में नीरज यादव का पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में जहर खाने से मौत होने की बात कही गई है। अस्पताल में पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और पैरा एथलीट विपिन कसाना के मौजूद रहने की भी जानकारी सामने आई।
भारतीय पैरा एथलेटिक्स के चीफ कोच एस. सत्यनारायण ने इस खबर पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि नीरज के निधन की जानकारी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। हालांकि, उनकी मौत के पीछे की वजह को लेकर अभी कोई पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
Neeraj Yadav: एशियन पैरा गेम्स में जीते थे तीन गोल्ड मेडल
नीरज यादव भारत के जाने-माने पैरा जैवलिन थ्रोअर थे। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। उन्होंने 2022 के एशियाई पैरा गेम्स में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F55 स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल जीता था।
उनकी खेल उपलब्धियां भारतीय पैरा खेलों में उनकी मेहनत और समर्पण की पहचान थीं। नीरज ने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
Neeraj Yadav Doping Ban: 2023 में लगा था चार साल का प्रतिबंध
नीरज यादव को नवंबर 2023 में डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद चार साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। यह प्रतिबंध 2027 के अंतिम महीनों तक जारी रहने वाला था। इसके कारण वह 2026 के एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए।
चीफ कोच एस. सत्यनारायण ने आशंका जताई कि प्रतिबंध के कारण नीरज मानसिक तनाव से गुजर रहे होंगे। हालांकि, उन्होंने भी इसे उनकी मौत का प्रमाणित कारण नहीं बताया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नीरज किन परिस्थितियों से जूझ रहे थे।
पोलियो के बावजूद नहीं छोड़ा खेलों का जुनून
नीरज यादव उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते थे। जानकारी के अनुसार, सात साल की उम्र में पोलियो की वजह से उन्हें लकवे का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा।
उन्होंने 2005 से 2012 तक व्हीलचेयर टेनिस खेला और बाद में पैरा एथलेटिक्स की ओर रुख किया। भाला फेंक में अपनी उपलब्धियों के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
नीरज का निधन भारतीय पैरा खेल जगत के लिए गहरा दुख है। उनके निधन की परिस्थितियों और कारणों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
