15 दिनों में 31,899 वाहनों की जांच
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 15 अक्टूबर के बीच MMR के 11 RTO कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र में वाहनों की जांच की गई। इस दौरान कुल 31,899 वाहनों की जांच हुई, जिनमें से 5,821 वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।
इन आंकड़ों के अनुसार, जांचे गए वाहनों में करीब 18.3 प्रतिशत नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। अभियान का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले और परिवहन नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करना है।
PUC और फिटनेस सर्टिफिकेट की भी जांच
इस विशेष अभियान के तहत वाहनों के पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट की वैधता की जांच की जा रही है। इसके अलावा, तय क्षमता से अधिक सामान ले जाने वाले ओवरलोडेड वाहनों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
निर्माण सामग्री या अन्य खुला सामान बिना उचित ढके ले जाने वाले वाहनों की भी जांच की जा रही है, क्योंकि उनसे सड़क पर धूल और प्रदूषण फैलने का खतरा रहता है।
6.20 करोड़ रुपये का जुर्माना, 31% वसूली
RTO के आंकड़ों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कुल 6,20,90,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें से 1,92,17,490 रुपये की वसूली हो चुकी है। यानी कुल जुर्माने की करीब 31 प्रतिशत राशि ही वसूल की जा सकी है।
यह अभियान मुंबई में वायु प्रदूषण से संबंधित जनहित याचिका (PIL) के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के समक्ष गठित उच्चस्तरीय समिति के निर्देशों के बाद शुरू किया गया है।
पनवेल में सबसे ज्यादा उल्लंघन के मामले
आंकड़ों के मुताबिक, पनवेल में सबसे ज्यादा 1,170 वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद ठाणे में 912 और मुंबई ईस्ट में 684 वाहन नियमों का पालन करते नहीं मिले।
जुर्माने के मामले में भी पनवेल सबसे आगे रहा, जहां 1.06 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, वसई में 92.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। दूसरी ओर, मीरा-भायंदर में 1,012 वाहनों की जांच के दौरान 92 वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।
प्रदूषण पर लगाम लगाने की कोशिश
मुंबई और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग का यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाहनों के दस्तावेजों, फिटनेस और सामान ढोने के नियमों की जांच के जरिए विभाग प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है। अभियान के प्रभाव का आकलन आगे की जांच और जुर्माने की वसूली के आंकड़ों से किया जा सकेगा।
