एक रिसर्च से पता चला है कि थैंक्यू कहने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो सकता है। रिसर्च के मुताबिक, एक स्टडी में भाग लेने वाले 900 से अधिक लोगों से सवाल पूछा गया और निष्कर्षों से पता चला कि जिन लोगों ने सबसे अधिक ‘आभार व्यक्त’ किया, उन्हें अगले 4 से 9 वर्षों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम थी। ये इस बात का संकेत देता है कि जिन चीजों के लिए आप ‘आभारी’ हैं, उनकी छोटी सूची बनाकर रखने से भलाई और जीवन संतुष्टि को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालाँकि, अध्ययन में ये भी पाया गया कि इस तरह के लोगों के सामने अगर तनावपूर्ण स्थितियां आती हैं तो उनकी हृदय गति बढ़ जाती है।
स्टडी को लिखने वालों ने सुझाव दिया कि रिसर्च के निष्कर्षों को इस तरह से भी समझाया जा सकता है कि जो लोग तनावपूर्ण स्थितियों में अधिक प्रयास करने के लिए तैयार होते हैं, वे आमतौर पर जीवन में सबसे अधिक आभारी होते हैं। इससे उनकी हृदय गति बढ़ सकती है, लेकिन इसका मतलब ये भी है कि वे कम तनावग्रस्त होते हैं। ये भी कहा गया कि शांत लोग आमतौर पर स्वस्थ जीवन जीते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम होती है।
स्टडी का नेतृत्व करने वाले आयरलैंड के मेनुथ यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक ब्रायन लेवी ने कहा कि निष्कर्षों से ये भी सामने आया है कि सकारात्मक भावनाएं हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में काफी मदद करती है। बता दें कि बायोलॉजिकल साइकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित स्टडी में जानकारी दी गई है कि अमेरिका में 57 साल की औसत आयु वाले 912 लोगों पर स्टडी के बाद ये निष्कर्ष निकाला गया है।
स्टडी में शामिल लोगों का टेस्ट भी लिया
रिपोर्ट के मुताबिक, निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए एक टेस्ट भी किया गया। स्टडी में शामिल लोगों के सामने कुछ शब्द लिखे गए थे, जिनका कलर लाल था। इन शब्दों के फॉन्ट का कलर कभी-कभी बदलता था। स्टडी में शामिल लोगों से शब्दों के बजाए फॉन्ट के बदलते रंगों के संबंध में उत्तर देना था। ये भी कहा गया कि अगर उन्होंने तेजी से जवाब नहीं दिया तो उनके जवाब खुद गलत कर दिए जाएंगे। इस दौरान जो लोग अपने जीवन में चीजों और लोगों के प्रति आभारी थे और जवाब देने के प्रेशर में जिनकी हृदय गति भी बढ़ गई, उन्हें दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम थी।
स्टडी में पाया गया कि जो लोग सबसे अधिक आभारी थे, उनमें दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम थी। नतीजों तक पहुंचने के लिए स्टडी में शामिल लोगों की उम्र, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और स्मोकिंग को भी ध्यान में रखा गया था। स्टडी में शामिल लोगों में एक तिहाई को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत थी और 10 में से एक को शुगर भी था। इन दोनों के कारण भी दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा होता है।
