सूर्यकुमार यादव समेत कई क्रिकेटर्स ने लिया हिस्सा
सूर्यकुमार यादव मेजर लीग बेसबॉल इंडिया के एंबेसडर हैं। इस आयोजन में उनके साथ जितेश शर्मा, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, काशवी गौतम और राधा यादव जैसे भारतीय क्रिकेटर शामिल हुए। वहीं, पूर्व MLB स्टार निक स्विसर, जेक एरियेटा और एड्रियन गोंजालेज ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर दर्शकों का मनोरंजन किया।
इस आयोजन का मकसद क्रिकेट और बेसबॉल के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाना और भारतीय दर्शकों के बीच बेसबॉल के प्रति दिलचस्पी बढ़ाना था।
चार टीमों के बीच हुआ मुकाबला, यांकीज ने मारी बाजी
इस प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ियों को चार टीमों में बांटा गया था। टीमों के नाम MLB की मशहूर फ्रेंचाइजी रेड सॉक्स, कब्स, डॉजर्स और यांकीज के नाम पर रखे गए थे। मुकाबले में यांकीज टीम ने जीत दर्ज की।
यांकीज टीम में सूर्यकुमार यादव के साथ 2009 वर्ल्ड सीरीज चैंपियन निक स्विसर और रेचल गार्सिया शामिल थे। वहीं, रेड सॉक्स की टीम में जॉनी गोम्स, काशवी गौतम और दीपक चाहर थे।
कब्स टीम में पूर्व स्टार पिचर जेक एरियेटा के साथ शार्दुल ठाकुर और राधा यादव शामिल हुए। दूसरी ओर, डॉजर्स टीम में चार बार के गोल्ड ग्लव अवॉर्ड विजेता एड्रियन गोंजालेज के साथ जितेश शर्मा और जॉर्डन वूलरी ने हिस्सा लिया।
शार्दुल ठाकुर ने बताया क्रिकेट और बेसबॉल में क्या है समानता
कार्यक्रम के दौरान भारतीय क्रिकेटर शार्दुल ठाकुर ने क्रिकेट और बेसबॉल के बीच समानताओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि दोनों खेलों में गेंद को देखकर उसे दूर तक मारने की क्षमता अहम होती है।
शार्दुल ने कहा कि बेसबॉल का विकास रोमांचक है और इस खेल में उन्हें कुछ नया सीखने का मौका मिला। उन्होंने यह भी माना कि बेसबॉल की तकनीक क्रिकेट से अलग है और इसे पेशेवर स्तर पर खेलने के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होगी।
शार्दुल के मुताबिक, इस तरह के आयोजनों से भारत में भी बेसबॉल की लोकप्रियता बढ़ सकती है।
भारत में बेसबॉल को लोकप्रिय बनाने की पहल
MLBx मुंबई 3-ऑन-3 इवेंट ने क्रिकेट और बेसबॉल के खिलाड़ियों को एक साथ खेलने और अपने अनुभव साझा करने का मौका दिया। भारतीय क्रिकेटरों की भागीदारी से इस खेल को नए दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश भी नजर आई।
मुंबई में आयोजित इस प्रतियोगिता में यांकीज की जीत के साथ भारतीय क्रिकेटरों और पूर्व MLB सितारों की मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रही। इस तरह के आयोजन भारत में अलग-अलग खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और खिलाड़ियों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
