18 नवंबर को होगी 43 कर्मचारियों की दक्षता जांच
परिषद सचिवालय की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, सभी 43 कर्मचारियों को 18 नवंबर को दक्षता जांच के लिए उपस्थित होना होगा। यह परीक्षा सचिवालय में आयोजित की जाएगी।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जांच में शामिल होना सभी संबंधित कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं होने वाले कर्मचारियों को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल एलडीसी और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर चयनित कर्मचारियों की दक्षता जांच की जा रही है। आगे अन्य पदों पर बहाल कर्मचारियों की कार्यकुशलता भी परखी जा सकती है।
125 कर्मचारियों के कार्यालय प्रवेश पर लगाई गई थी रोक
इससे पहले शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को बिहार विधान परिषद सचिवालय ने 125 पदों पर बहाल नए कर्मचारियों के कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, निम्नवर्गीय लिपिक, आशुलिपिक और कार्यालय परिचारी शामिल हैं। इन कर्मचारियों की ज्वाइनिंग सितंबर 2025 में हुई थी। इसके बाद से वे नियमित रूप से कार्यालय आ रहे थे और अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे।
अचानक कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद नियुक्तियों का मामला चर्चा में आ गया। अब सचिवालय नियुक्ति प्रक्रिया और कर्मचारियों की योग्यता की जांच कर रहा है।
पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई थी बहाली
इन कर्मचारियों की नियुक्ति बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई थी। वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। हाल ही में उन्होंने सभापति पद से इस्तीफा दिया था।
फिलहाल रामवचन राय बिहार विधान परिषद के सभापति हैं। उनके कार्यकाल में सचिवालय की ओर से पुरानी नियुक्तियों और चयनित कर्मचारियों की योग्यता की जांच की जा रही है।
सात पदों की शॉर्टहैंड परीक्षा का मामला अलग
नियुक्ति विवाद के बीच निजी सहायक और स्टेनोग्राफर के सात पदों की परीक्षा का मामला भी सामने आया है। विज्ञापन संख्या 02/2025 के तहत सफल सात अभ्यर्थियों को शॉर्टहैंड परीक्षा में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा।
अब इन सभी सात अभ्यर्थियों को 18 नवंबर को परीक्षा में शामिल होने का आखिरी मौका दिया गया है। हालांकि, यह मामला 125 पदों पर हुई नियुक्तियों से अलग है।
