समझौते के मुताबिक, 6 नवंबर को परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिवार लंबे समय से शव का पोस्टमार्टम कराने और न्याय की मांग कर रहा था। इसके अलावा सरकार ने आश्वासन दिया है कि लक्खा सिधाना और मोहनजीत शेरों को रिहा किया जाएगा। उनके खिलाफ दर्ज FIR भी रद्द की जाएगी।
कृषि मंत्री और विधानसभा स्पीकर ने की बातचीत
इस मामले को सुलझाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां और विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां मानसा पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने संघर्ष कमेटी के सदस्यों और परविंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ बातचीत की।
कई दौर की चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। इसके बाद संघर्ष कमेटी ने 22 दिनों से जारी धरना खत्म करने का फैसला किया।
12 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर पर हुई थी हत्या
दरअसल, 12 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि झोटा मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई।
घटना के बाद परिवार और समर्थकों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग भी उठाई थी।
CBI कर रही हत्याकांड की जांच
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंप दी गई है। हालांकि, हत्या के बाद से ही उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। इसको लेकर परिवार और संघर्ष कमेटी लगातार धरना दे रहे थे।
अब पंजाब सरकार के साथ समझौता होने के बाद आंदोलन खत्म होने का रास्ता साफ हो गया है। 6 नवंबर को पोस्टमार्टम और अन्य मांगों पर सरकार के आश्वासन के बाद परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।
