खरगे की टिप्पणी पर बीजेपी ने जताई नाराजगी
मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा।
वहीं, कांग्रेस और खरगे की ओर से सफाई दी गई कि उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के संदर्भ में नहीं थी, बल्कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संबंधों पर कटाक्ष थी। इस बयान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।
हरभजन सिंह ने लोकतांत्रिक मर्यादा का किया जिक्र
हरभजन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि लोकतंत्र में असहमति का स्वागत होना चाहिए, लेकिन यह असहमति तथ्यों, नीतियों और रचनात्मक बहस पर आधारित होनी चाहिए। उनके मुताबिक, व्यक्तिगत अपमान और ओछी टिप्पणियों के जरिए राजनीतिक विरोध जताना उचित नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता के अपमान को सार्वजनिक मर्यादा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अनादर बताया। हरभजन सिंह ने कहा कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां राजनीतिक विमर्श के स्तर को प्रभावित करती हैं और उन नागरिकों के जनादेश के प्रति भी अनादर दर्शाती हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपना नेता चुना है।
AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे हरभजन सिंह
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह राजनीति में आने के बाद आम आदमी पार्टी से जुड़े थे। बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। उनके राजनीतिक रुख और पंजाब में संभावित भूमिका को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, पार्टी में उन्हें किसी बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की बात को आधिकारिक घोषणा के बिना पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
