दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी चुनाव के नतीजों को ट्रंप की रणनीतिक और राजनीतिक हार करार दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता ने भी कहा है कि अमेरिकी चुनाव में सत्ता का समीकरण बदलने से तेहरान के प्रति वाशिंगटन की नीति में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।
ट्रंप बोले- मौका मिला तो ईरान पर फिर करूंगा हमला
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किया गया ईरान युद्ध उनकी पार्टी की चुनावी हार की वजह बना? इस पर उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बात काफी हद तक सही है।
दरअसल, जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे युद्ध एक बड़ी वजह हो सकता है। उनके मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का समर्थन करने वाले कई मतदाता मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से नाराज होकर इस बार रिपब्लिकन पार्टी से दूर हो गए।
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान युद्ध के कारण कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर मुझे दोबारा ऐसा करना पड़े तो मैं फिर करूंगा।”
ट्रंप का तर्क है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए तो भविष्य में वहां मौजूद कई चीजें शायद बची नहीं रहेंगी।
ईरान ने ट्रंप को बताया रणनीतिक और राजनीतिक रूप से हारा हुआ
अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद ईरान ने भी ट्रंप पर निशाना साधा है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने बुधवार को कहा कि तेहरान ने ट्रंप को रणनीतिक और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर शिकस्त दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि ईरानी जनता ने युद्ध के मैदान और होर्मुज में अमेरिका को रणनीतिक हार दी, जबकि वाशिंगटन में उसे राजनीतिक हार का सामना करना पड़ा।
रजाई ने अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण हासिल करने को ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध का आर्थिक बोझ अमेरिकी जनता को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। संघर्ष के दौरान यह ईरान के लिए रणनीतिक दबाव बनाने का एक अहम माध्यम रहा है।
खामेनेई बोले- अमेरिका की ईरान नीति में नहीं होगा बदलाव
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिकी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मध्यावधि चुनाव में ट्रंप को झटका लगने के बावजूद वाशिंगटन की ईरान के प्रति नीति बदलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो लोग यह मानते हैं कि अमेरिका में राजनीतिक दलों या सत्ता के समीकरण में बदलाव से उसकी नीतियां बदल जाएंगी, वे गलतफहमी में हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को रियायतें देकर ईरान के प्रति उसकी दुश्मनी खत्म करने की उम्मीद करना बड़ी भूल होगी।
इस तरह अमेरिकी चुनाव के नतीजों के बाद ईरान युद्ध एक बार फिर दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा मुद्दा बन गया है।
