बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय ने बुधवार, 4 नवंबर को इसकी जानकारी दी। जारी बयान के अनुसार, इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तारीख तक मतदाता बनने की पात्रता पूरी करने वाले नागरिक सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी माधव कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सुगम निर्वाचन संचालन समिति की बैठक हुई। बैठक में दिव्यांगजनों की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने और मतदान के दिन उनके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उपायों की समीक्षा की गई।
उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी पूनम कुमारी ने बताया कि पात्र दिव्यांगजन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
तीन तरह के फॉर्म से होगा आवेदन
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार के लिए तीन अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं।
- फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए।
- फॉर्म-8: पता बदलने, नाम या अन्य विवरण में सुधार, वोटर आईडी कार्ड बदलवाने और दिव्यांग मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए।
पोर्टल और ऐप से मिलेगी मतदाता सेवाओं की सुविधा
बैठक में मतदाताओं की सुविधा के लिए उपलब्ध डिजिटल सेवाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें मतदाता सेवा पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1950, सक्षम ऐप और ECINET ऐप शामिल हैं।
बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक प्रियदर्शी, मनोज कुमार सिंह, रत्नांबर निलय और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक एनके अग्रवाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
निर्वाचन आयोग के इस अभियान का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और दिव्यांगजनों समेत सभी वर्गों की चुनावी भागीदारी को बढ़ावा देना है।
