रैली को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां भाजपा और जदयू ने विपक्ष पर सत्ता हासिल करने की बेचैनी का आरोप लगाया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने इसे बड़ा आयोजन बताया है। दूसरी ओर, कारोबारियों ने त्योहार के दौरान बाजार प्रभावित होने की आशंका जताई है।
रवि किशन का कांग्रेस पर हमला, पूछा- देश में अव्यवस्था क्यों चाहती है पार्टी?
भाजपा सांसद रवि किशन ने INDIA गठबंधन की रैली को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और गरीबों की समस्याओं को नजरअंदाज करती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उन लोगों से सवाल करना चाहिए, जिनके जीवन पर उसकी नीतियों का असर पड़ा है।
रवि किशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों से बाहर निकला है और अपने पैरों पर खड़ा हुआ है। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया।
उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और देश की प्रगति में रुकावट डालने का आरोप भी लगाया। रवि किशन ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह देश में फिर आतंकवादी हमले, बम धमाके और दंगे चाहती है? क्या कांग्रेस अनुच्छेद 370 की वापसी की पक्षधर है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश के सामने अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
सौगत रॉय बोले- एक नवंबर का आयोजन होगा बड़ा
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने INDIA गठबंधन की रैली का समर्थन करते हुए इसे बड़ा आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि एक नवंबर को होने वाली रैली में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग शामिल होंगे।
सौगत रॉय के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस रैली के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
AIMIM बोली- हम INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं
रैली को लेकर AIMIM की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। पार्टी ने कहा है कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है और उसे इस रैली में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी नहीं किया गया है। इससे साफ है कि विपक्षी दलों की इस राजनीतिक लामबंदी में सभी विपक्षी पार्टियां शामिल नहीं हैं।
रामलीला मैदान की रैली से व्यापारियों को नुकसान की आशंका
राजनीतिक बयानबाजी के बीच दिल्ली के कारोबारियों ने भी रैली को लेकर चिंता जाहिर की है। NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि पिछले दो महीनों में व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। दीपावली के मौके पर कारोबारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद थी और उन्होंने त्योहार के लिए पहले से सामान का स्टॉक भी कर लिया था।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर से फरवरी तक का समय आमतौर पर व्यापार के लिहाज से अच्छा माना जाता है, लेकिन इस बार बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। व्यापारियों ने पहले ही मांग की थी कि रामलीला मैदान की रैली दीपावली के बाद आयोजित की जाए, ताकि त्योहार के दौरान बाजारों में खरीदारी प्रभावित न हो।
व्यापारियों ने कहा- त्योहार के समय बाजार प्रभावित होने का डर
अतुल भार्गव ने कहा कि दीपावली हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्योहार है और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में बाजारों में खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में रैली के आयोजन से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
