जी20 बैठक में जयशंकर ने उठाई ऊर्जा सुरक्षा की चिंता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को जी20 विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका के अटलांटा पहुंचे। बैठक के दौरान उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत से जुड़े जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठाया और समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने बैठक में हुई चर्चा की प्रमुख बातें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं।
जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय ऊर्जा उत्पादन की कमी के कारण नहीं, बल्कि अनिश्चितता, आपूर्ति में व्यवधान, बढ़ती लागत और ऊर्जा तक पहुंच से जुड़ी चुनौतियों के कारण संकट का सामना कर रही है।
उन्होंने ऊर्जा व्यापार और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए जा रहे हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया। उनके मुताबिक, इस तरह के हमले ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने और वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित करने की एक सुनियोजित रणनीति हैं।
समुद्री मार्गों में रुकावट से प्रभावित हो रहे ऊर्जा बाजार
विदेश मंत्री ने कहा कि बाधाओं, प्रतिबंधों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में रुकावटों के कारण ऊर्जा बाजार लगातार प्रभावित हो रहे हैं। ऐसी परिस्थितियां अब अधिक बार सामने आ रही हैं और इनकी जटिलता के साथ-साथ प्रभाव का दायरा भी बढ़ रहा है।
उन्होंने कम आय वाले देशों की स्थिति पर विशेष चिंता जताई। जयशंकर ने कहा कि ऐसा लगता है कि इन देशों की परेशानियों और जरूरतों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।
ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों की कीमतों पर असर
जयशंकर ने कहा कि नागरिक जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। समुद्री मार्गों में बाधा आने से ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही इन जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए ऊर्जा व्यापार, समुद्री सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
