एसटीएफ रिपोर्ट में प्रेमजाल और ब्लैकमेलिंग के आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर पहले महिला डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों को प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद उन पर शारीरिक और मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई। रिपोर्ट में अलग-अलग विभागों से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।
गांधी वार्ड में नर्सिंग स्टाफ नफीस और फुरकान पर महिला सहकर्मियों के शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं।
पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर पर गंभीर आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक पर एक जूनियर महिला डॉक्टर का कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने के साथ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप है। उन्हें इस मामले का मुख्य आरोपी बताया गया है।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में छेड़छाड़ और नौकरी से हटाने का आरोप
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शफात अली खान पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर युवती के साथ छेड़छाड़ करने और निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, युवती ने जब इसका विरोध किया तो उसकी संविदा समाप्त कर नौकरी से हटा दिया गया।
रेडियोलॉजी विभाग में ब्लैकमेलिंग का दावा
एसटीएफ रिपोर्ट में रेडियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रिजवान पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कथित तौर पर उन्होंने अपनी साथी शिक्षार्थी को ब्लैकमेल किया और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया।
विरोध करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी देने का आरोप
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब महिला कर्मचारियों ने कथित उत्पीड़न का विरोध किया तो उन्हें विभागीय स्तर पर करियर खत्म करने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कराने की साजिश रचने के आरोप भी सामने आए हैं।
