पाकिस्तान पर FATF की नजर, लेकिन अगला मूल्यांकन 2030 में
FATF प्रमुख गिल्स थॉम्पसन ने कहा कि पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से पाकिस्तान के साथ एशिया-पैसिफिक ग्रुप (APG) के माध्यम से बातचीत और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। थॉम्पसन ने कहा कि प्लेनरी बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी गोपनीयता के कारण साझा नहीं की जा सकती।
FATF के आधिकारिक मूल्यांकन कार्यक्रम के मुताबिक, पाकिस्तान का अगला मूल्यांकन APG के तहत निर्धारित है। इसके लिए संभावित ऑन-साइट प्रक्रिया नवंबर 2029 में और रिपोर्ट पर प्लेनरी में चर्चा जुलाई 2030 में प्रस्तावित है। यानी पाकिस्तान के अगले व्यापक मूल्यांकन का फैसला आने में अभी समय लग सकता है।
जैश-ए-मोहम्मद पर ऑनलाइन चंदा जुटाने के आरोप
एक रिपोर्ट के जरिए दावा किया था कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ऑनलाइन माध्यमों से करीब 391 करोड़ रुपये का चंदा जुटा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों से आर्थिक मदद मांगी गई थी।
इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संगठन ने डिजिटल वॉलेट और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से यह रकम जुटाने का अभियान चलाया। इसमें जैश प्रमुख मसूद अजहर का नाम भी सामने आया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ध्वस्त हुए जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों और मुख्यालय के पुनर्निर्माण के लिए भी इस फंडिंग का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया था।
भारत ने FATF की बैठक में उठाया पाकिस्तान का मुद्दा
पेरिस में हुई बैठक के दौरान भारत की ओर से पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और उसके प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाए जाने की खबर भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मामला उठाया।
2030 तक जारी रह सकती है मूल्यांकन प्रक्रिया
आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, पाकिस्तान का अगला मूल्यांकन APG के तहत होना है। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, नवंबर 2029 में मूल्यांकन प्रक्रिया और जुलाई 2030 में प्लेनरी के सामने रिपोर्ट पर चर्चा प्रस्तावित है।
ऐसे में पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की कथित ऑनलाइन फंडिंग और उनके वित्तीय नेटवर्क पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी का मुद्दा आने वाले वर्षों में भी महत्वपूर्ण बना रहेगा।
