ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा की नेतन्याहू के समर्थन वाली पोस्ट
इजरायल के एग्जिट पोल सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इर्विंग सी. श्वार्ट्ज नाम के व्यक्ति की एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में दावा किया गया कि ट्रंप के समर्थन से नेतन्याहू की चुनावी स्थिति में बदलाव आया है।
पोस्ट के मुताबिक, नेतन्याहू को ट्रंप का समर्थन मिलने के बाद मुकाबला एकतरफा हार के बजाय बराबरी की स्थिति में पहुंचता दिखाई दिया। हालांकि, यह सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि चुनावी अनुमानों में बदलाव केवल ट्रंप के समर्थन के कारण हुआ।
शुरुआती एग्जिट पोल में नेतन्याहू गठबंधन को झटका
टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती एग्जिट पोल में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन को बहुमत से दूर दिखाया गया। दूसरी ओर, नेतन्याहू विरोधी विपक्षी दल भी सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटों का आंकड़ा हासिल करते नहीं दिखे।
इजरायल के तीन प्रमुख टीवी नेटवर्कों—चैनल 11, चैनल 12 और चैनल 13—के शुरुआती एग्जिट पोल में नेतन्याहू समर्थक गुट को लगभग 50 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। वहीं, यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी दलों को लगभग 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई।
इजरायल की 120 सदस्यीय संसद, जिसे नेसेट कहा जाता है, में बहुमत हासिल करने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, दोनों प्रमुख गुट इस आंकड़े से पीछे थे।
बाद के अनुमानों में नेतन्याहू गठबंधन को बढ़त
मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात सामने आए संशोधित एग्जिट पोल में चुनावी तस्वीर कुछ बदली हुई दिखाई दी। चैनल 12 के अनुमान के अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई, जबकि यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी गुट को 49 सीटें मिलने का अनुमान था।
हालांकि, इन आंकड़ों के बावजूद किसी भी प्रमुख गुट को बहुमत मिलता नहीं दिखा। ऐसे में सरकार बनाने के लिए अन्य दलों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है।
अरब पार्टियों की भूमिका पर टिकी निगाहें
एग्जिट पोल के मुताबिक, अरब नेतृत्व वाली पार्टियां सरकार गठन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती हैं। यदि दोनों प्रमुख गुट बहुमत से दूर रहते हैं, तो छोटे दलों का समर्थन सरकार बनाने के लिए निर्णायक हो सकता है।
नेतन्याहू के सामने चुनौती केवल अपनी पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनाना नहीं, बल्कि संसद में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाना भी है। फिलहाल एग्जिट पोल के आंकड़े चुनावी तस्वीर का शुरुआती संकेत देते हैं। अंतिम नतीजों और गठबंधन संबंधी बातचीत के बाद ही इजरायल की अगली सरकार को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
