पार्षदों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संजय सिंह ने जताई नराजगी

Sanjay Singh News : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति पर दिल्ली सरकार को झटका दिया है। कोर्ट ने यह फैसला सोमवार को दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि MCD में 10 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) को है, और इसके लिए उन्हें दिल्ली सरकार की सलाह या सहायता की आवश्यकता नहीं है। यह निर्णय 1993 के MCD कानून के तहत उपराज्यपाल को ये अधिकार प्राप्त हैं, जो कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया। इस फैसले से दिल्ली सरकार के कुछ सदस्य असंतुष्ट हैं।

“LG अपने डंडे से दिल्ली को चलाएं”

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह (Sanjay Singh) ने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र के लिए बड़ा झटका है, चुनी हुई सरकार को बाईपास करके आप सभी अधिकार उपराज्यपाल को देने जा रहे हैं, ताकि LG अपने डंडे से दिल्ली (Delhi)को चलाएं। यह लोकतंत्र के लिए और भारत के संविधान के लिए ठीक नहीं है।संजय सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है, उससे हम पूरे आदर के साथ असहमत हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

“लोकतंत्र की भावना के विपरीत फैसला है”

बताया कि इस मामले में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश या अन्य जजों की जो टिप्पणी थी, उससे यह फैसला बिल्कुल अलग है। अन्य राज्यों में भी राज्यपाल ही मनोनीत पार्षदों और सभासदों के नाम पर मुहर लगाते हैं, लेकिन चुनी हुई सरकार की अनुशंसा पर। दिल्ली (Delhi) में ऐसा क्यों नहीं है।उन्होंने कहा कि क्या यहां पर चुनी सरकार नहीं है। यह दिल्ली के लोगों और लोकतंत्र की भावना के विपरीत फैसला है। पूरा फैसला पढ़ने के बाद हम रणनीति बनाएंगे कि आगे क्या करना है। स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव तो हम जीतेंगे।

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