Ayodhya Deepotsav 2026: उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर एक बार फिर बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इस बार सात नवंबर को सरयू नदी के किनारे बने 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है। आयोजन के लिए करीब 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं। अयोध्या का मकसद पिछले साल के अपने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना है। हालांकि, इस साल उज्जैन में 33,27,125 दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का रिकॉर्ड सामने आने के बाद अयोध्या के सामने एक बड़ी चुनौती भी है।
दीपोत्सव 2026 में अयोध्या जलाएगी 30 लाख दीप
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। पहले ही साल रामनगरी में 1,87,213 दीप जलाए गए थे। इस आयोजन के जरिए अयोध्या ने उज्जैन के 1.51 लाख दीपों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इसके बाद से हर साल दीपों की संख्या बढ़ाने और नया कीर्तिमान बनाने की परंपरा आगे बढ़ती रही है।
इस बार 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 33 लाख दीपों की व्यवस्था की जा रही है। दीपों की रोशनी से सरयू तट को सजाने की तैयारी है। लक्ष्य पूरा होने पर अयोध्या अपने पिछले साल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी।
2017 से लगातार बढ़ रहा अयोध्या दीपोत्सव का रिकॉर्ड
वर्ष 2018 में अयोध्या में 3,01,152 दीप जलाए गए। 2019 में यह संख्या 4,04,026 और 2020 में 6,06,569 हो गई। वर्ष 2021 में रामनगरी ने 9,41,551 दीप जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया।
इसके बाद वर्ष 2022 में उज्जैन ने महाशिवरात्रि के मौके पर 11,71,078 दीप जलाकर अयोध्या का रिकॉर्ड तोड़ दिया। लेकिन उसी साल अयोध्या ने 15,76,955 दीप जलाकर फिर बढ़त बना ली। वर्ष 2023 में उज्जैन में 18,82,229 दीप जले, जबकि अयोध्या ने 22,23,000 दीप प्रज्ज्वलित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
वर्ष 2024 में अयोध्या में 25,12,000 से अधिक दीप जलाए गए। इसके बाद वर्ष 2025 में 56 घाटों पर 26,17,215 दीप प्रज्ज्वलित किए गए और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर उज्जैन ने बनाया रिकॉर्ड
इस साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 33,27,125 दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का रिकॉर्ड सामने आया। इस आंकड़े ने दीपोत्सव के रिकॉर्ड को लेकर अयोध्या और उज्जैन के बीच मुकाबले को फिर चर्चा में ला दिया है।
अयोध्या में इस बार 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य है। यह पिछले साल के 26.17 लाख दीपों से करीब 3.83 लाख ज्यादा है। हालांकि, उज्जैन के 33.27 लाख दीपों के रिकॉर्ड से यह लक्ष्य कम है।
क्या रामनगरी इस बार रचेगी नया विश्व कीर्तिमान?
अयोध्या में 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य पूरा होने पर पिछले साल का रिकॉर्ड बेहतर हो सकता है। लेकिन उज्जैन में दर्ज 33,27,125 दीपों के आंकड़े को पार करने के लिए करीब 33.28 लाख दीप जलाने होंगे।
फिलहाल अयोध्या में 33 लाख दीप मंगाए जाने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। ऐसे में इस बार का आयोजन पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की दिशा में अहम होगा। उज्जैन का रिकॉर्ड टूटेगा या नहीं, यह दीपोत्सव के दौरान वास्तव में जलाए जाने वाले दीपों की संख्या पर निर्भर करेगा।
