Mau News: मऊ में पीएम मोदी की तस्वीर के साथ जादू-टोने का मामला, पुलिस ने 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया

Mau News:  उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ कथित तौर पर जादू-टोना किए जाने का मामला सामने आया है। दोहरीघाट कस्बे के मुक्तिधाम स्थित शवदाह स्थल के पास पीएम मोदी की तस्वीर के साथ नींबू, नारियल, धागे और सिंदूर जैसी सामग्री रखे जाने का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस ने शनिवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

मऊ में पीएम मोदी की तस्वीर के साथ क्या मिला?

जानकारी के मुताबिक, यह मामला मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के मुक्तिधाम का है। शुक्रवार को शवदाह स्थल के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर रखे होने की जानकारी सामने आई। वायरल फोटो और वीडियो में तस्वीर के आसपास नारियल, नींबू, धागे और सिंदूर जैसी चीजें दिखाई देने का दावा किया गया। तस्वीर पर सुई से छिदे नींबू और उसके चारों कोनों पर कलावा बंधे नारियल भी नजर आने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने मौके का वीडियो बनाया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। हालांकि, वायरल फोटो और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए घटना से जुड़े दावों को जांच पूरी होने तक सावधानी के साथ देखना जरूरी है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, चार संदिग्ध हिरासत में

पीएम मोदी की तस्वीर से जुड़े इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दोहरीघाट थाने में अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की है। हालांकि, अभी तक किसी की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

दोहरीघाट के थानाध्यक्ष रामायण सिंह के मुताबिक, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्वीर वहां किसने रखी और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर किसने साझा किया।

सीसीटीवी और साइबर सेल की मदद से जांच

घोसी के क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही दूसरे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। दोहरीघाट थाने की टीम और साइबर सेल मिलकर वायरल वीडियो और तस्वीर से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जाएगी। अधिकारियों ने मामले का जल्द खुलासा करने का भरोसा जताया है। फिलहाल पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि घटना के पीछे कौन लोग हैं और तस्वीर को वहां रखने का मकसद क्या था।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी

इस मामले पर भाजपा के जिला अध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। चार संदिग्धों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और साइबर साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि तस्वीर वहां किसने रखी थी और इस घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

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