Delhi-NCR में GRAP-1 लागू, AQI 244 पहुंचा; कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

New Delhi  दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। यह फैसला क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद लिया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को दोपहर 3 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 244 दर्ज किया गया।

GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाएंगे। इनमें होटल और रेस्तरां में कोयले तथा लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध, पुराने वाहनों पर निगरानी और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय शामिल हैं।

दिल्ली में AQI 244, प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 201 से 300 के बीच होने पर हवा को खराब श्रेणी में रखा जाता है। दिल्ली का AQI 244 दर्ज होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर जोर दिया गया है।

GRAP के पहले चरण के तहत संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं।

होटल और रेस्तरां में कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक

GRAP-1 के तहत होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में खाना पकाने के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उद्देश्य ईंधन जलने से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।

प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की ओर से निगरानी की जाएगी।

पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर रहेगी नजर

दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के संचालन पर सख्ती से नजर रखी जाएगी।

वाहन चालकों को संबंधित नियमों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण के निर्देश

GRAP-1 के तहत निर्माण और विध्वंस (C&D) गतिविधियों में धूल को नियंत्रित करने के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। इसके साथ ही निर्माण मलबे के संग्रह, परिवहन और निपटान का पर्यावरणीय नियमों के अनुसार प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

निर्देशों के मुताबिक, 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे निर्माण स्थलों पर C&D गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, जिनकी संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से राहत की चुनौती

GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण और नियमों के पालन की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

प्रदूषण से बचाव के लिए लोगों को स्थानीय AQI की जानकारी लेते रहने और खराब वायु गुणवत्ता के दौरान बाहरी गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

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