मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर शनिवार को भी कार्यालय खोलकर वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि दिवाली और छठ से पहले सभी सरकारी कर्मियों के खाते में वेतन पहुंच जाना चाहिए।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, गृह और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में वेतन भुगतान की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी जताई गई। संबंधित विभागों को लंबित भुगतान जल्द पूरा करने की चेतावनी दी गई। सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
वित्त विभाग ने जारी किया आदेश
वेतन भुगतान को लेकर वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने शुक्रवार को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है।
इस पत्र में सरकारी शिक्षकों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन त्योहार से पहले जारी करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारियों को भी अपने स्तर पर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है, ताकि भुगतान की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
वेतन में देरी हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने वेतन और भत्तों से जुड़ी लंबित विसंगतियों को भी जल्द दूर करने का निर्देश दिया है। खासकर गृह और शिक्षा विभाग में लंबित मामलों की जांच शीघ्र पूरी करने को कहा गया है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी लंबित वेतन भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसमें लिपिक, परिचारी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज, शारीरिक शिक्षक, संस्कृत और मदरसा शिक्षकों का भुगतान शामिल है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि किसी कार्यालय में दिवाली और छठ से पहले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलता है तो देरी के कारणों की जांच की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
