सिराज को बाहर रखने पर गौतम गंभीर की हुई आलोचना
दूसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन में मोहम्मद सिराज का नाम नहीं होने पर कोच गौतम गंभीर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। टीम मैनेजमेंट ने एक बार फिर अंशुल कंबोज, आकिब नबी, गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह की युवा तेज गेंदबाजों की चौकड़ी पर भरोसा जताया।
इन गेंदबाजों ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। दूसरे मुकाबले में भी भारतीय गेंदबाजों ने अपना दम दिखाया। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की आधी टीम महज 53 रन के स्कोर तक पवेलियन लौट गई।
खास बात यह रही कि आकिब नबी ने नई गेंद से कीवी बल्लेबाजों को काफी परेशान किया और दूसरे मुकाबले में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला विकेट हासिल किया।
अर्शदीप, अंशुल और गुरनूर ने भी दिखाया दम
युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन की बात करें तो अंशुल कंबोज ने ऑकलैंड में खेले गए पहले मुकाबले में 10 ओवर में सिर्फ 22 रन दिए थे। वहीं, अर्शदीप सिंह ने चार विकेट हासिल कर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को झकझोर दिया था।
गुरनूर बराड़ ने भी पिछले मुकाबले में तीन बल्लेबाजों को आउट किया था। हालांकि आकिब नबी को पहले मैच में विकेट नहीं मिला था, लेकिन दूसरे वनडे में उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल कर लिया।
इन गेंदबाजों की खासियत सिर्फ विकेट लेना नहीं है, बल्कि रन गति पर नियंत्रण बनाए रखना भी है। लगातार अच्छे प्रदर्शन से इन युवा खिलाड़ियों ने टीम मैनेजमेंट के सामने अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।
क्या मोहम्मद सिराज के लिए बढ़ेगी मुश्किल?
अगर अंशुल कंबोज, आकिब नबी, गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो मोहम्मद सिराज के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा फिलहाल चोट के कारण टीम से बाहर हैं। चोटिल होने से पहले दोनों खिलाड़ियों को नियमित मौके मिल रहे थे। ऐसे में फिट होकर वापसी करने के बाद उन्हें तुरंत प्लेइंग इलेवन में शामिल करना टीम मैनेजमेंट के लिए चयन की चुनौती बन सकता है।
अब युवा गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय टीम में तेज गेंदबाजी के विकल्प बढ़ा दिए हैं। आने वाले मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि गौतम गंभीर और कप्तान किस गेंदबाजी संयोजन के साथ मैदान पर उतरते हैं और अनुभवी मोहम्मद सिराज को दोबारा मौका मिलता है या नहीं।
