कार्य परिषद की बैठक में रखी गई STF रिपोर्ट
बैठक में शासन की ओर से 30 अक्टूबर को भेजी गई STF की पूरी रिपोर्ट कार्य परिषद के सामने प्रस्तुत की गई। कुलसचिव ने रिपोर्ट का बिंदुवार वाचन किया। इसके अलावा विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से दिए गए प्रत्यावेदनों को भी बैठक में पढ़कर सुनाया गया।
दरअसल, कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों ने आपत्ति जताई थी कि संबंधित समिति और STF की टिप्पणियों में उनके नाम गलत तरीके से शामिल किए गए हैं। इस पर कार्य परिषद ने फैसला लिया कि सभी प्रत्यावेदनों को संबंधित विभागीय समितियों के सामने रखा जाएगा। इनकी ओर से उठाए गए तथ्यों और आपत्तियों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
IPS अधिकारियों को कमेटी में मिलेगी प्राथमिकता
KGMU की परिनियमावली के प्रावधान 11.11 के तहत गठित होने वाली डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी में कुलपति और कुलसचिव के अलावा चार अन्य सदस्य होंगे। इनमें विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ शिक्षकों में से दो सदस्यों को नामित किया जाएगा।
वहीं, दो स्वतंत्र सदस्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में से चुने जाएंगे। स्वतंत्र सदस्यों के चयन में वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त IPS अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सभी संबंधित लोगों का पक्ष सुनने के बाद होगा फैसला
प्रस्तावित कमेटी STF की पूरी रिपोर्ट, उससे जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की विस्तार से जांच करेगी। इसके साथ ही रिपोर्ट से संबंधित सभी शिक्षकों और अन्य व्यक्तियों का पक्ष भी सुना जाएगा।
कमेटी की जांच और तथ्यों के परीक्षण के बाद KGMU एक्ट, विश्वविद्यालय की परिनियमावली और लागू नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब सभी की निगाहें कमेटी के गठन और उसकी जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं।
