पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के सिविल लाइंस निवासी फहीम अहमद और भोजपुर के सिरशवागौड़ निवासी ताज गुड्डू के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से कम कीमत पर खून लेकर उसे गोरखपुर के आरोग्य ब्लड बैंक समेत अन्य ब्लड बैंकों में ऊंचे दाम पर बेचते थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को जिले में दूसरे राज्यों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गाड़ियों में छिपाकर खून लाने और महंगे दामों पर बेचने वाले गिरोह की सूचना मिल रही थी। इसमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से खून की अवैध सप्लाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि मुरादाबाद से खून की अवैध खेप गोरखपुर पहुंचने वाली है। इसके बाद पुलिस ने औषधि निरीक्षक श्रीध्वजेश्वर शुक्ला को जानकारी दी और संयुक्त टीम बनाई।
टीम ने 4 नवंबर की रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के भगत चौराहा स्थित एलआईसी कार्यालय के पास घेराबंदी की। इस दौरान यूके नंबर की सफेद ऑल्टो कार को रोककर तलाशी ली गई। कार की पिछली सीट पर रखे दफ्ती के डिब्बे से 40 और डिक्की में रखे थर्माकोल के डिब्बे से 60 ब्लड बैग बरामद हुए। इस तरह कुल 100 यूनिट ब्लड मिला।
सस्ते में खरीदकर महंगे दामों पर बेचते थे खून
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से कम कीमत पर खून लेते थे। इसके बाद मांग के अनुसार अलग-अलग ब्लड बैंकों को ऊंचे दामों पर बेचते थे।
औषधि निरीक्षक ने बरामद दोनों डिब्बों से एक-एक यूनिट का नमूना लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया है। सीओ कैंट के मुताबिक, संयुक्त टीम ने 100 यूनिट प्लेटलेट्स सेल्स पैकेट बरामद किए हैं। फिलहाल रक्त के स्रोत, उसकी वैधता और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
BNS और औषधि अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले में रामगढ़ताल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम की धारा 18/27 के तहत कार्रवाई की है। तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को भी सीज कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर में खून के अवैध कारोबार से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
यूपी में 158 ब्लड सेंटरों की जांच में मिलीं अनियमितताएं
इस बीच उत्तर प्रदेश में चैरिटेबल ब्लड सेंटरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने भी बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के 62 जिलों में 158 ब्लड सेंटरों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के बाद 24 चैरिटेबल ब्लड सेंटरों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई, जबकि 10 अन्य सेंटरों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया। जांच में बिना ELISA टेस्ट के रक्त जारी करने, दूषित प्लाज्मा, एक्सपायर्ड दवाइयां और कोल्ड चेन के रखरखाव में लापरवाही जैसी खामियां मिलीं।
