Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर सख्ती, 5 से 20 नवंबर तक लागू रहेंगी पाबंदियां, 6 शहरों में 50% Work From Home

राजधानी दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हालात को देखते हुए सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 5 नवंबर से 20 नवंबर तक विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं। इसके तहत धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक रहेगी। वहीं, दिल्ली से सटे छह प्रमुख शहरों के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा।

इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाना है। कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 30 अक्टूबर को ही इन उपायों की घोषणा की थी। दिवाली और पराली जलाने की घटनाओं के दौरान प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

चार दिन में AQI 117 से बढ़कर 377 पहुंचा

दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। बुधवार को राजधानी का AQI 377 दर्ज किया गया, जबकि चार दिन पहले यह 117 था। यानी महज चार दिनों में हवा की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है।

NCR के अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। फरीदाबाद में AQI 160, गाजियाबाद में 257, ग्रेटर नोएडा में 309, गुरुग्राम में 322 और नोएडा में 330 रहा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव, हवा की धीमी रफ्तार और बढ़ती नमी प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजहें हैं। हवा की गति कम होने से प्रदूषण के कण वातावरण में फैलने के बजाय जमीन के आसपास जमा हो रहे हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की अनुमिता राय चौधरी के मुताबिक, दिवाली के आसपास भी मौसम की परिस्थितियों में सुधार के संकेत नहीं हैं।

इन छह शहरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को करना होगा Work From Home

प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली से सटे छह शहरों में सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई है। इनमें गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और सोनीपत शामिल हैं।

इन शहरों के कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। हालांकि, राज्य सरकारों को उन कार्यालयों को छूट देने का अधिकार दिया गया है, जहां आधे कर्मचारियों के साथ कामकाज चलाना संभव नहीं है।

इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों की रोजाना आवाजाही कम करना है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव घटे और ट्रैफिक जाम के साथ वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण में भी कमी आए।

मेट्रो, रेलवे और अस्पतालों के निर्माण कार्यों को छूट

निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक के बावजूद कुछ जरूरी परियोजनाओं को छूट दी गई है। मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट और अस्पतालों से जुड़े निर्माण कार्य जारी रह सकेंगे।

इसके अलावा घरों के अंदर प्लंबर, बिजली और अन्य छोटी-मोटी मरम्मत के काम किए जा सकेंगे, बशर्ते उनसे धूल न फैले।

हालांकि, इन परियोजनाओं को भी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा। किसी तरह की तोड़फोड़ की अनुमति नहीं होगी। निर्माण सामग्री खुले में रखने पर भी रोक रहेगी। बाहरी इलाकों में धूल पैदा करने वाली गतिविधियां बंद रहेंगी।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को दी सलाह

प्रदूषण नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था को लेकर भी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और जारी किए गए डायवर्जन की जानकारी जरूर ले लें।

प्रतिबंधों के दौरान सड़क पर निकलने वाले लोगों को बदले हुए यातायात इंतजामों का ध्यान रखना होगा। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदूषण के साथ-साथ सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *