इस विरोध प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख विजय मल्लांगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज शामिल होंगे। दिल्ली में पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद यह CJP का पहला बड़ा प्रदर्शन है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग उठाएगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए थे CJP नेता
पिछले महीने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास समेत CJP के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ बिना अनुमति जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे।
इसके बाद सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। हालांकि, इस फैसले का विरोध करते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका वहां पहुंचे और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और करीब एक सप्ताह जेल में रहना पड़ा।
बाद में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) को लिखित आश्वासन देने के बाद उन्हें रिहा किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जंतर-मंतर पर प्रतिबंध लागू रहने तक वहां कोई प्रदर्शन आयोजित नहीं करेंगे।
अभिजीत दीपके को भी मिली थी सशर्त जमानत
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने पिछले महीने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘तिरंगा कार्यक्रम’ आयोजित करने का ऐलान किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया था। बाद में SEM ने उन्हें सशर्त जमानत पर रिहा किया।
जमानत की प्रमुख शर्तों में अगले एक साल तक शांति भंग नहीं करने का आश्वासन शामिल है।
इंडिया गठबंधन की रैली में शामिल नहीं हुई थी CJP
CJP ने 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन के मार्च का समर्थन किया था, लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में हुई रैली में पार्टी शामिल नहीं हुई थी।
