2022 में भर्ती हुए अग्निवीरों को मिलेगा फायदा?
अग्निपथ योजना के तहत साल 2022 में करीब 24,400 अग्निवीर सेना में शामिल हुए थे। इन जवानों का चार साल का शुरुआती कार्यकाल इसी साल पूरा होने वाला है। योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर में शामिल किए जाने का प्रावधान है।
बताई गई नई व्यवस्था के तहत बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से बाहर होने के बजाय दो साल का अतिरिक्त समय देने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, सेवा विस्तार से जुड़ी अंतिम पात्रता और शर्तों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
चार साल में कितनी मिलती है अग्निवीरों को सैलरी?
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों का मासिक पैकेज हर साल बढ़ता है। इसमें से 70 प्रतिशत राशि इन-हैंड सैलरी के रूप में मिलती है, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा सेवा निधि फंड में जमा होता है।
इसके अलावा अग्निवीरों को पात्रता के अनुसार रिस्क और हार्डशिप अलाउंस भी दिए जाते हैं।
चार साल बाद कितना मिलता है सेवा निधि पैकेज?
चार साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों के वेतन से कुल करीब 5.02 लाख रुपये का योगदान सेवा निधि में जमा होता है। इतनी ही राशि सरकार की ओर से भी जोड़ी जाती है। इस तरह ब्याज सहित सेवा निधि पैकेज करीब 11.71 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
चार साल की सेवा पूरी होने पर बाहर जाने वाले अग्निवीरों को यह सेवा निधि पैकेज टैक्स फ्री मिलता है।
पांचवें और छठे साल में कितनी हो सकती है सैलरी?
अगर कोई अग्निवीर दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार चुनता है, तो पांचवें और छठे साल में उसका मासिक पैकेज भी बढ़ सकता है। दी गई जानकारी के मुताबिक, पांचवें साल में यह 43,500 रुपये और छठे साल में 47,500 रुपये तक हो सकता है।
सेवा निधि में सरकार का योगदान बढ़ेगा
अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान सेवा निधि कॉर्पस के योगदान का अनुपात 30:70 रखा गया है। यानी अग्निवीर का योगदान 30 प्रतिशत और सरकार का योगदान 70 प्रतिशत होगा।
सीडीएस जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त दो साल की सेवा के लिए सेवा निधि की राशि 10.92 लाख रुपये तय की गई है। इससे अग्निवीरों को सेवा विस्तार के दौरान आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
