‘द वॉशिंगटन सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े 10 लोगों ने प्रशासन के भीतर चल रही चर्चाओं की जानकारी दी है। हालांकि, अभी तक किसी पद पर नियुक्ति को लेकर आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
ट्रंप के करीबी माने जाते हैं सर्जियो गोर
सर्जियो गोर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है। वह इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सहयोगी के तौर पर काम कर चुके हैं। प्रशासन में उनकी अच्छी पकड़ और ट्रंप तक सीधी पहुंच के कारण उनका नाम लगातार चर्चा में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गोर बड़ी जिम्मेदारी पाने की कोशिश में हैं। हाल के दिनों में वह कई उच्चस्तरीय राजनयिक बैठकों में भी शामिल हुए हैं। इससे भारत में अमेरिकी राजदूत की भूमिका से आगे प्रशासन में उनका प्रभाव बढ़ने की चर्चा है।
उन्हें अमेरिका और एशियाई देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में भी देखा जाता है। इसके अलावा, वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के करीबी माने जाते हैं।
चीफ ऑफ स्टाफ से लेकर विदेश मंत्री तक पदों की चर्चा
सर्जियो गोर के नाम पर कई महत्वपूर्ण पदों के लिए विचार किए जाने की खबरें हैं। इनमें विदेश मंत्री और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ का पद प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि वह सूसी वाइल्स की जगह व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ बनने की इच्छा रखते हैं।
इसके अलावा, प्रशासन के कुछ अधिकारियों के बीच उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट बनाने को लेकर भी चर्चा हुई है। इस पद पर फिलहाल क्रिस लैंडो की भूमिका है।
हालांकि, न तो मार्को रुबियो और न ही सूसी वाइल्स ने अपने मौजूदा पद छोड़ने का कोई संकेत दिया है।
क्या राष्ट्रपति चुनाव में उतर सकते हैं मार्को रुबियो?
अमेरिका के राजनीतिक और विदेश विभाग के गलियारों में यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि मार्को रुबियो 2028 या 2032 के राष्ट्रपति चुनाव की संभावित दावेदारी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट से अलग हो सकते हैं।
अगर ऐसा होता है तो ट्रंप प्रशासन में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिल सकता है। हालांकि, रुबियो की ओर से इस तरह की किसी योजना की पुष्टि नहीं की गई है।
सूसी वाइल्स और क्रिस लैंडो के पदों पर भी चर्चा
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के करीबी लोगों के बीच व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
वहीं, मिडटर्म चुनावों में अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस पर अपना नियंत्रण खो देती है तो क्रिस लैंडो के सामने भी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऐसी स्थिति में उन्होंने पद छोड़ने पर विचार किया था। हालांकि, उन्होंने भी पद छोड़ने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है।
