तीन दिन जिलों के दौरे पर रहेंगे NCP के मंत्री
बैठक के बाद महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बताया कि पार्टी ने फैसला किया है कि उसके पालक मंत्री गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को अपने-अपने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान मंत्री किसानों से मुलाकात करेंगे और सूखे तथा बेमौसम संकट से प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे।
मंत्रियों को हर जिले और तालुका में कम से कम चार से पांच स्थानों पर जाकर जमीनी स्थिति देखने के निर्देश दिए गए हैं। वे किसानों को सरकार की ओर से घोषित सहायता, फसलों के पंचनामे और मुआवजे की स्थिति की जानकारी भी लेंगे। जरूरत पड़ने पर स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान की कोशिश करेंगे।
30 से ज्यादा विधायक बैठक में हुए शामिल
सुनील तटकरे के मुताबिक, बैठक में 30 से अधिक विधायक मौजूद रहे। कुछ विधायक पहले से तय कार्यक्रमों के कारण राज्य से बाहर थे, इसलिए शामिल नहीं हो सके। बाकी विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों ने बैठक में हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि दिवाली के बाद मुख्यमंत्री और NCP के मंत्रियों के दौरे भी शुरू होंगे। विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में किसानों से मिलने और उनकी समस्याएं समझने के निर्देश दिए गए हैं। विधान परिषद के सदस्यों को भी सूखाग्रस्त जिलों के कुछ तालुके सौंपे जाएंगे।
SIR की प्रक्रिया पर भी हुई चर्चा
बैठक में SIR प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई। सुनील तटकरे ने बताया कि BLO-2 की नियुक्ति और संगठन के स्तर पर जरूरी कामों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विधायकों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों और फंड की कमी से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं।
वित्त और नियोजन विभाग NCP को देने की मांग
बैठक में वित्त मंत्रालय को लेकर भी विधायकों ने अपनी मांग रखी। सुनील तटकरे ने कहा कि जब अजित पवार के नेतृत्व में NCP NDA में शामिल हुई थी, तब वित्त और नियोजन विभाग पार्टी के पास था और अजित पवार ही इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इसी आधार पर विधायकों की मांग है कि वित्त और नियोजन विभाग दोबारा NCP को दिया जाए, ताकि पार्टी अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों को गति दे सके।
रोहित पवार के आरोपों पर सुनील तटकरे का पलटवार
रोहित पवार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि उन्हें पिछले नौ महीनों में दिए गए अपने बयानों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित पवार सिर्फ टीवी पर चेहरा दिखाने के लिए बयानबाजी करते हैं और उनकी बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
गौरतलब है कि रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि NCP के कुछ नेता सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
विधायकों ने उठाया फंड की कमी का मुद्दा
बैठक में कुछ विधायकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पहले की तरह फंड नहीं मिल रहा है। अजित पवार के रहते जिस तरह आर्थिक सहायता मिलती थी, अब वैसी स्थिति नहीं है।
इस पर सुनील तटकरे ने भरोसा दिलाया कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए अधिक से अधिक फंड उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक में बीजेपी या एकनाथ शिंदे के खिलाफ किसी विधायक ने कोई टिप्पणी नहीं की। सभी विधायक महायुति और NDA का हिस्सा हैं और गठबंधन के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
