श्याम रजक ने क्या कहा?
श्याम रजक ने असम सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार किस कानून के तहत ऐसा प्रावधान बना रही है, यह उसे ही पता होगा। उन्होंने कहा कि बहुविवाह की परंपरा का उल्लेख हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है।
जेडीयू नेता ने भगवान राम के पिता राजा दशरथ की तीन शादियों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि क्या इस आधार पर राम को भी हटाया जाएगा? उन्होंने कौरवों के पिता की कई शादियों का जिक्र करते हुए भी सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई।
असम सरकार ने नियमों में किया संशोधन
दरअसल, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार ने असम सेवा अनुशासन नियम, 1964 में संशोधन किया है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए एक से अधिक शादी करने पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने अनुशासन नियम-7 में नया खंड 6 जोड़ा है। इसके मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ बर्खास्तगी सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही ऐसे कर्मचारी भविष्य में सरकारी नौकरी के लिए भी अयोग्य हो सकते हैं।
सभी धर्मों के कर्मचारियों पर लागू होगा नियम
असम सरकार का यह नियम किसी एक धर्म विशेष तक सीमित नहीं है। इसे राज्य के सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू करने की बात कही गई है। फैसले के बाद राज्य की राजनीति में बहुविवाह और सरकारी सेवा के नियमों को लेकर बहस तेज हो गई है।
जेडीयू नेता श्याम रजक की टिप्पणी ने इस राजनीतिक बहस को और गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि असम सरकार इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
