‘JDU में पूरा सिस्टम खत्म हो गया’
डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि अनंत सिंह हों या छोटू सिंह, JDU में संगठनात्मक व्यवस्था कमजोर हो गई है। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार की तबीयत खराब होने के बाद पार्टी में दूसरे नेताओं का प्रभाव बढ़ा है और अंदरूनी गुटबाजी तेज हुई है।
संजीव कुमार ने दावा किया कि पार्टी के कई नेता असंतुष्ट हैं और आने वाले समय में कुछ और लोग JDU छोड़ सकते हैं। उन्होंने अनंत सिंह के प्रकरण को पार्टी में संभावित बदलाव की शुरुआत बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी।
‘नीतीश कुमार जैसा मास लीडर नहीं’
JDU में बड़े पैमाने पर नेताओं के पार्टी छोड़ने की संभावना से जुड़े सवाल पर संजीव कुमार ने कहा कि ऐसा होना तय है। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार सक्रिय थे, तब वह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़े रहते थे।
RJD नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा JDU में नीतीश कुमार जैसा जनाधार वाला नेता नहीं है। उन्होंने पार्टी की कमान संभाल रहे कुछ लोगों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इससे संगठन कमजोर हुआ है।
BJP के साथ गठबंधन को लेकर भी साधा निशाना
डॉ. संजीव कुमार ने JDU और BJP के राजनीतिक संबंधों पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि जब JDU के नेताओं ने BJP के साथ मिलकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया, तो पार्टी की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
संजीव कुमार के बयान के बाद बिहार की सियासत में JDU के संगठन और नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, पार्टी में संभावित टूट और नेताओं के दूसरे दलों में जाने को लेकर उनके दावे राजनीतिक बयान हैं; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
