438 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी में आया था नाम
दरअसल, साल 2022 में गुजरात के वडोदरा में एटीएस ने 80 किलोग्राम से अधिक MDMA (एक्स्टसी) ड्रग्स बरामद की थी। इसकी कीमत करीब 438 करोड़ रुपये आंकी गई थी। मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों से पूछताछ में सलीम डोला का नाम सामने आया था।
गुजरात एटीएस के मुताबिक, सलीम डोला इस मामले में वांछित था। आरोप है कि उसने ड्रग्स बनाने वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को फाइनेंस किया था। इसके अलावा वह नशीले पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की सप्लाई और ड्रग्स की खरीद-फरोख्त में भी मदद करता था।
इस्तांबुल से डिपोर्ट होकर भारत आया था सलीम डोला
सलीम डोला को भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर तुर्किये की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों तथा इस्तांबुल पुलिस के सहयोग से संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा था। इसके बाद 28 अप्रैल 2026 को उसे विशेष विमान से दिल्ली लाया गया था।
सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी का करीबी सहयोगी माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले सिंथेटिक ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए भारत के अलग-अलग हिस्सों में गुप्त प्रयोगशालाओं और फैक्ट्रियों का इस्तेमाल किया जाता था।
5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ड्रग्स नेटवर्क चलाने का आरोप
सलीम डोला को भारत लाए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े इनपुट में दावा किया गया था कि वह सालाना 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का ड्रग्स तस्करी नेटवर्क चला रहा था। उसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 15 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी पुराना है। साल 1998 में उसे मुंबई एयरपोर्ट पर करीब 40 किलोग्राम मैंड्रेक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 2013 में मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने उसे करीब 79 किलोग्राम चरस के मामले में पकड़ा था। साल 2017 में गुजरात से कुवैत तक 5.5 करोड़ रुपये के गुटखे की कथित तस्करी के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
बेटे और करीबी सहयोगी पर भी हो चुकी है कार्रवाई
सलीम डोला के ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों पर भी भारतीय एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी हैं। पिछले साल उसके बेटे ताहिर डोला को संयुक्त अरब अमीरात में स्थानीय अधिकारियों और इंटरपोल के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिया गया था। जून 2025 में उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया था।
इसके अलावा सलीम के करीबी सहयोगी सलीम मोहम्मद सोहेल शेख को दुबई से डिपोर्ट किया गया था। मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने उसे विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया था।
अब गुजरात एटीएस की ओर से सलीम डोला से पूछताछ के जरिए 438 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामदगी और कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
