CTI के मुताबिक, एक ओर राहुल गांधी रैली में आने वाले लोगों से दिल्ली के बाजारों में खरीदारी कर व्यापारियों की मदद करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रैली के कारण बाजारों में डर और पैनिक का माहौल बन गया है। बृजेश गोयल ने इस संबंध में राहुल गांधी को पत्र लिखकर व्यापारियों की परेशानियों से अवगत कराया है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं। उनकी चिंता दिवाली के सबसे अहम कारोबारी समय में अपनी रोजी-रोटी और व्यापार को बचाने की है।
3 लाख दुकानों में से 2.5 लाख बंद रहने की आशंका
बृजेश गोयल के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास करीब 5 किलोमीटर के दायरे में कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, खारी बावली, नया बाजार, दरियागंज, पहाड़गंज, कनॉट प्लेस, जनपथ, जामा मस्जिद, भागीरथ पैलेस और पालिका बाजार समेत कई प्रमुख बाजार आते हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन बाजारों में करीब 3 लाख दुकानें हैं। सुबह से मिल रही जानकारी के आधार पर लगभग 2.5 लाख दुकानों के बंद रहने की आशंका है। इससे करीब 80 फीसदी कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों को सेंट्रल और मध्य दिल्ली में जाम तथा आवाजाही बाधित होने की भी चिंता है।
10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट प्रभावित होने का दावा
CTI चेयरमैन ने रैली के कारण माल की आवाजाही पर भी असर पड़ने की आशंका जताई है। उनके मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इससे सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और बाजारों तक माल पहुंचाने में परेशानी होगी।
उन्होंने बताया कि बवाना, ओखला, मायापुरी, मुंडका और उद्योग नगर समेत 56 औद्योगिक क्षेत्रों से रोजाना करीब 5 हजार ट्रक और टेंपो सामान लेकर दिल्ली के बाजारों में आते हैं। वहीं, इन बाजारों से लगभग 3 हजार ट्रक माल लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि रैली के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। धनतेरस के लिए मंगाया गया सामान गोदामों में पड़ा है और दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
दिल्ली के बाहर से आने वाले ग्राहकों पर भी असर की आशंका
बृजेश गोयल के मुताबिक, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बहादुरगढ़ और झज्जर जैसे शहरों से रोजाना करीब 3 से 4 लाख ग्राहक दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करने आते हैं।
उन्होंने दावा किया कि रैली को लेकर बने पैनिक के कारण ग्राहक फोन करके बाजारों की स्थिति और जाम के बारे में जानकारी ले रहे हैं। ऐसे में उनके दिल्ली नहीं पहुंचने की आशंका है, जिससे दिवाली के कारोबार पर दोहरा असर पड़ सकता है।
पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
CTI चेयरमैन ने रैली में आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रामलीला मैदान में 200 बड़ी बसों की पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, अगर रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं तो बसों, कारों और टेंपो की पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है।
व्यापारियों ने आशंका जताई है कि रैली के दौरान जाम, ट्रांसपोर्ट में बाधा और ग्राहकों की कम आवाजाही से दिवाली के अहम कारोबारी सीजन में बाजारों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
