Bihar: बिहार के एनडीए नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान नेताओं ने वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया और बिहार को बजट में मिली सौगातों के लिए धन्यवाद कहा।
प्रतिनिधिमंडल में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन, भाजपा सांसद विवेक ठाकुर, संजय मयूख, रालोसपा के रामपुकार सिन्हा, लोजपा के अजय कुमार और हम पार्टी से श्याम सुंदर शर्मा शामिल थे। इन नेताओं ने बिहार को मिले 58,900 करोड़ रुपये की मदद का उल्लेख किया और राज्य के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग
एनडीए नेताओं ने यह भी कहा कि बिहार की आर्थिक कमजोरी ऐतिहासिक कारणों से है और केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की दिशा में कुछ भी काम नहीं किया। वहीं, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार को सवा लाख करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिला, जिससे राज्य के विकास को गति मिली है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास की कीर्तिमान
नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में, अत्यंत सीमित संसाधनों के बावजूद, बिहार ने विकास के कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनके प्रयासों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आए हैं और भविष्य में भी इसी तरह के प्रयासों की आवश्यकता है।
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने बजट को अद्भुत और उम्मीद से बढ़कर बताया। उन्होंने बिहार के लिए 26 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा और गया-बोधगया में कॉरिडोर निर्माण की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। मांझी ने कहा कि इस बजट से छोटे उद्यमियों की प्रगति का रास्ता खुलेगा और इससे विकास को नई गति के साथ निरंतरता भी मिलेगी।
विकास की दिशा में नई उम्मीदें
एनडीए नेताओं ने कहा कि बिहार को मिले इस वित्तीय सहयोग से राज्य की विकास परियोजनाओं को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि भविष्य में भी बिहार को इसी तरह का समर्थन मिलता रहे ताकि राज्य का आर्थिक और सामाजिक विकास निरंतर होता रहे।
