यूपी पंचायत चुनाव पर कब लगेगी मुहर? हाई कोर्ट के आदेश से बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। एक तरफ हाई कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव जल्द कराने की चर्चा तेज है, तो दूसरी तरफ सरकार की ओर से प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में पंचायत चुनाव समय पर होंगे या फिर इसके लिए लोगों को कुछ और इंतजार करना पड़ेगा, यह बड़ा सवाल बन गया है।
दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को निर्देश दिया था कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराए जाएं। अदालत ने पिछड़ा वर्ग आयोग को भी एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा था। लेकिन पिछड़ों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण चुनाव की तैयारियों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- पिछड़ों का आरक्षण तय हुए बिना चुनाव नहीं
इस बीच उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर अपनी बात साफ कर दी है। उन्होंने कहा है कि जब तक पिछड़े वर्ग के लोगों का आरक्षण सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक वह पंचायत चुनाव नहीं होने देंगे।
एक जनसभा में दिया गया उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में राजभर भोजपुरी भाषा में विरोध करने वालों को जवाब देते नजर आ रहे हैं। वह कह रहे हैं कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर दावा कर रहे हैं कि ओमप्रकाश राजभर को प्रधान नहीं बनने देंगे, लेकिन उन्हें पहले अपनी राजनीतिक स्थिति ठीक करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनाव का बिगुल बजेगा। उनके मुताबिक, पिछड़ा वर्ग आयोग हाई कोर्ट में अपनी रिपोर्ट और कामकाज की स्थिति रखेगा। आयोग बता सकता है कि उसने 50 जिलों का काम पूरा कर लिया है, जबकि 25 जिलों का काम अभी बाकी है। ऐसे में उसे तीन महीने का अतिरिक्त समय मांगना पड़ सकता है।
‘मेरे पास पावर है, मैं उसका इस्तेमाल कर रहा हूं’, राजभर का दो टूक जवाब
वायरल वीडियो में ओमप्रकाश राजभर यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि उनके पास पावर है और वह उसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसे जो करना है, वह कर सकता है। उनके इस बयान को पंचायत चुनाव को लेकर चल रही सियासी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
वीडियो में राजभर विरोध करने वालों पर कुछ अमर्यादित टिप्पणियां भी करते सुनाई देते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने की तैयारी, शासन को भेजा प्रस्ताव
पंचायत चुनाव के बीच ग्राम प्रधानों के प्रशासक के तौर पर कार्यकाल को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि उन्होंने प्रधानों का प्रशासक के रूप में कार्यकाल छह महीने बढ़ाने से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर करके प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेज दिया है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत प्रशासकों का छह महीने का कार्यकाल 24 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। अब इसे छह महीने और बढ़ाने की तैयारी है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो ग्राम प्रधान प्रशासक के तौर पर अगले छह महीने तक अपनी जिम्मेदारी संभाल सकेंगे।
राजभर ने इस मुद्दे पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रधान जी लोग अभी अपने पद का आनंद लें।
यूपी पंचायत चुनाव 2026: आरक्षण और प्रशासकों के कार्यकाल पर टिकी नजरें
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। हाई कोर्ट जल्द चुनाव कराने का निर्देश दे चुका है, जबकि सरकार के स्तर पर प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, ओमप्रकाश राजभर पिछड़ों के आरक्षण को चुनाव के लिए जरूरी बता रहे हैं।
अब सबकी नजर पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, सरकार के अगले फैसले और हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यूपी में पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर होंगे या विधानसभा चुनाव के बाद ही चुनावी बिगुल बजेगा।
