UP Politics: मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण देने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने दिया ये जवाब, बोले- ‘चलिए देखते हैं’

UP Politics:  रक्षा मंत्री और लखनऊ से बीजेपी सांसद राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीजेपी प्रदेश कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनसे दिवंगत समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिए जाने को लेकर सवाल पूछा गया। पत्रकार के सवाल पर राजनाथ सिंह ने संक्षिप्त जवाब दिया और फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी।

दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिरी कुछ मिनट बचे थे और राजनाथ सिंह वहां से जाने वाले थे। तभी एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया, ‘गोली चलवाने वाले को आपने पद्म पुरस्कार दिया?’ सवाल सुनने के बाद रक्षा मंत्री रुक गए और दोबारा बैठकर पूरी बात सुनी। उन्होंने अपने बगल में बैठे उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी से कहा, ‘एक मिनट।’

‘चलिए देखते हैं’, मुलायम सिंह यादव पर सवाल का दिया जवाब

पत्रकार ने जब मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण दिए जाने का मुद्दा उठाया, तो राजनाथ सिंह ने कहा, ‘चलिए देखते हैं। उसके कई कारण थे। बहुत-बहुत धन्यवाद।’ इसके बाद उन्होंने कोई लंबी सफाई नहीं दी और प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त कर दी।

राजनाथ सिंह का यह जवाब ऐसे समय आया, जब वह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक रिश्तों का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल से जुड़ी तीन घटनाओं को अपने हिसाब से ‘अक्षम्य अपराध’ बताया। इनमें 1975 में इमरजेंसी लगना, 1984 में सिखों का नरसंहार और 1990 में रामभक्तों पर गोली चलने के बाद मुलायम सिंह यादव की सरकार को समर्थन देकर बचाने का मुद्दा शामिल था।

रामभक्तों पर गोली चलने और कांग्रेस के समर्थन का क्या है मामला?

राजनाथ सिंह ने अपने बयान में साल 1990 की घटना का जिक्र किया। उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर पुलिस की गोली चलने की घटना लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। बीजेपी इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव पर सवाल उठाती रही है।

हालांकि, पत्रकार का सवाल सिर्फ रामभक्तों पर गोली चलने तक सीमित नहीं था। इसमें मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाया गया था। इसी वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मुद्दा चर्चा में आ गया।

2008 में सपा ने क्यों बचाई थी मनमोहन सिंह की सरकार?

साल 2008 में केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते को लेकर मुश्किल में आ गई थी। इस समझौते के विरोध में वाम दलों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने यूपीए सरकार का समर्थन किया।

22 जुलाई 2008 को लोकसभा में विश्वास मत के दौरान यूपीए सरकार के पक्ष में 275 वोट पड़े, जबकि विरोध में 256 वोट मिले। इस तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार विश्वास मत जीत गई।

उस समय मुलायम सिंह यादव ने समर्थन देने की वजह बताते हुए कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें बताया था कि परमाणु समझौता देश के हित में है। इसी आधार पर समाजवादी पार्टी ने सरकार का साथ देने का फैसला किया था।

2023 में मुलायम सिंह यादव को मिला था पद्म विभूषण

मुलायम सिंह यादव को साल 2023 में सार्वजनिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। यह देश के प्रमुख नागरिक सम्मानों में से एक है। मुलायम सिंह यादव के बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान ग्रहण किया था।

अब राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सम्मान को लेकर पूछे गए सवाल ने एक बार फिर मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत, 1990 की अयोध्या घटना और 2008 में सपा के कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने जैसे पुराने मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

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