Congress Constitution March: कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक रणनीति को आगे बढ़ाते हुए संविधान दिवस पर बड़ा प्रदर्शन करने का फैसला किया है। पार्टी 26 नवंबर को देशभर में संविधान बचाओ मार्च निकालेगी। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के तमाम सांसद शामिल होंगे। कांग्रेस इस आयोजन के जरिए संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाने की तैयारी में है।
विपक्षी सांसदों को भी मार्च में शामिल करने की तैयारी
कांग्रेस चाहती है कि संविधान बचाओ मार्च में विपक्षी दलों के सांसद भी हिस्सा लें। इसके लिए इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं और सांसदों से बातचीत की जा रही है। पार्टी की कोशिश है कि इस प्रदर्शन को केवल कांग्रेस तक सीमित न रखते हुए विपक्ष की साझा आवाज बनाया जाए। माना जा रहा है कि इस मार्च के जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।
एसआईआर के मुद्दे पर जेपी नड्डा ने कांग्रेस को घेरा
दूसरी तरफ, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बाहरी लोगों को सामान्य, मान्यता प्राप्त और वैध बनाने की कोशिश कर रही है। नड्डा के मुताबिक, कांग्रेस ने ऐसे लोगों के समर्थन से लंबे समय तक राजनीतिक लाभ उठाया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बाहरी लोगों की पहचान करने, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने और उन्हें देश से बाहर भेजने के पक्ष में है। नड्डा ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
‘पहचान करो, नाम हटाओ और निर्वासित करो’ पर सियासत
जेपी नड्डा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी की नीति बाहरी लोगों की पहचान करने, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने और उन्हें निर्वासित करने की है। इसके विपरीत कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर उन्होंने ऐसे लोगों को पहचान और वैधता देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
नड्डा ने सवाल उठाया कि क्या देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान नहीं की जानी चाहिए और क्या उन्हें वापस नहीं भेजा जाना चाहिए? उन्होंने लोगों से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को राजनीतिक रूप से बाहर करने की अपील भी की।
कांग्रेस ने अमित शाह से मांगा इस्तीफा
बीजेपी नेताओं के आरोपों के बीच कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी नहीं संभल रही है तो अमित शाह पद पर क्यों बने हुए हैं?
कांग्रेस ने इस दौरान देश में तीन करोड़ घुसपैठियों की मौजूदगी, मणिपुर की स्थिति और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी
कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कई बार विरोध प्रदर्शन किए हैं। अब संविधान दिवस पर प्रस्तावित मार्च को इसी राजनीतिक अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है।
वहीं, राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक मंच पर ओपन डिबेट की चुनौती भी दे चुके हैं। ऐसे में 26 नवंबर का संविधान बचाओ मार्च सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है।
