पार्थ पवार के फैसलों पर क्यों नाराज हुए NCP नेता?
दरअसल, NCP में मुंबई अध्यक्ष के तौर पर जीशान सिद्दीकी और राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में उमेश पाटील की नियुक्ति को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने नाराजगी जताई। नेताओं का मानना था कि इस तरह के महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसले लेने से पहले कोर कमेटी के सदस्यों को भरोसे में लिया जाना चाहिए था।
सूत्रों के अनुसार, नियुक्तियों को लेकर आपसी सहमति नहीं बनने के कारण पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में असंतोष पैदा हुआ। बैठक में नेताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भविष्य में सभी फैसले अनुभवी नेताओं से बातचीत और सामूहिक सहमति के आधार पर लिए जाने चाहिए।
पार्थ और जय पवार ने दिया भरोसा
कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार और जय पवार ने नेताओं की नाराजगी को सुना। दोनों ने भरोसा दिलाया कि आगे से वरिष्ठ नेताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाकर फैसले लिए जाएंगे।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पार्टी के संगठनात्मक फैसलों में सभी नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि आपसी मतभेदों को बढ़ने से रोका जा सके।
अमित शाह के साथ बैठक में क्या हुई चर्चा?
इस बीच NCP नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक का मुद्दा भी सामने आया है। नेताओं के मुताबिक, इस बैठक में वित्त मंत्रालय का पोर्टफोलियो जल्द से जल्द आवंटित किए जाने पर सहमति बनी थी।
इसके अलावा रुकी हुई बातचीत को दोबारा शुरू करने के लिए सभी विधायकों की संयुक्त बैठक बुलाने का फैसला किया गया है।
सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे मंत्री और विधायक
NCP की बैठक में राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी के मंत्रियों और विधायकों ने इन इलाकों का दौरा करने पर एकमत से सहमति जताई है।
कुल मिलाकर, NCP में संगठनात्मक नियुक्तियों और फैसले लेने के तरीके को लेकर सामने आई नाराजगी ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है।
