UK Refugee Visa: भारतीयों समेत 7 देशों के शरणार्थियों के लिए ब्रिटेन ने खोले नए रास्ते, जानें कौन कर सकता है आवेदन

नई दिल्ली: ब्रिटेन ने शरणार्थियों को सुरक्षित और कानूनी तरीके से देश में बसाने के लिए तीन नए रास्ते शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल में भारत समेत सात देशों को शामिल किया गया है। इसके तहत शरणार्थियों को कम्युनिटी स्पॉन्सरशिप, पढ़ाई और रोजगार के जरिए ब्रिटेन आने का अवसर मिलेगा। ब्रिटिश सरकार को उम्मीद है कि इन नए रास्तों से शरणार्थियों का पहला समूह 2027 की शरद ऋतु से ब्रिटेन पहुंचना शुरू होगा।

इस योजना का उद्देश्य शरणार्थियों को इंग्लिश चैनल पार करने जैसे खतरनाक और अवैध रास्तों के बजाय सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराना है। ब्रिटेन का गृह मंत्रालय संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के साथ मिलकर पात्र शरणार्थियों की पहचान और आकलन करेगा।

इन 7 देशों के शरणार्थियों को मिलेगा मौका

ब्रिटेन सरकार की ओर से शुरुआती चरण में सात देशों में ये रास्ते उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें भारत, बांग्लादेश, मिस्र, केन्या, मलेशिया, पाकिस्तान और युगांडा शामिल हैं।

ब्रिटेन की बॉर्डर सिक्योरिटी और असाइलम मामलों की मंत्री अन्ना टर्ली ने 29 अक्टूबर 2026 को हाउस ऑफ कॉमन्स में इस पहल से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए कार्यक्रम के तहत शरणार्थियों को कानूनी रास्ते से ब्रिटेन में नई जिंदगी शुरू करने का अवसर मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन? जानें जरूरी शर्तें

यह योजना सातों देशों के सभी नागरिकों के लिए नहीं है। इसके तहत केवल ऐसे शरणार्थियों पर विचार किया जाएगा, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत है और जो निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हैं।

इसके लिए जरूरी शर्तें हैं:

  • आवेदक अपने मूल देश से बाहर रह रहा हो।
  • वह 1 अक्टूबर 2026 से पहले इन सात देशों में से किसी एक में मौजूद रहा हो।
  • उसने निर्धारित समय-सीमा से पहले संबंधित सरकारी अधिकारियों या UNHCR के पास पंजीकरण कराया हो।
  • उसे संबंधित सक्षम प्राधिकरण की ओर से शरणार्थी के रूप में मान्यता मिली हो।
  • वह ब्रिटेन की पहचान, सुरक्षा और पात्रता संबंधी जांच में सफल हो।
  • उसके लिए संबंधित योजना के तहत स्पॉन्सरशिप की व्यवस्था हो।

भारतीयों के लिए क्या है नियम?

इस योजना में भारत का नाम शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में रहने वाला हर भारतीय नागरिक ब्रिटेन के लिए आवेदन कर सकता है। उदाहरण के लिए, भारत में रह रहे किसी दूसरे देश के पात्र और पंजीकृत शरणार्थी पर विचार किया जा सकता है। आवेदक का अपने मूल देश से बाहर होना और निर्धारित समय-सीमा से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

शरणार्थियों के लिए तीन नए कानूनी रास्ते

ब्रिटेन सरकार ने शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए तीन अलग-अलग रास्ते तैयार किए हैं।

1. कम्युनिटी स्पॉन्सरशिप रूट

इसके तहत ब्रिटेन के सामुदायिक समूह शरणार्थियों को अपने यहां बसाने में मदद करेंगे। मान्यता प्राप्त संस्थाएं सरकार और स्थानीय स्पॉन्सर के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगी। ये समूह शरणार्थियों को रहने की जगह, शिक्षा और स्थानीय समुदाय में घुलने-मिलने में सहायता देंगे।

2. रिफ्यूजी स्टडी रूट

इस रास्ते के जरिए पात्र शरणार्थियों को ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इसके लिए संबंधित विश्वविद्यालय और मान्यता प्राप्त संस्थाएं शरणार्थियों को स्पॉन्सर करेंगी।

3. रिफ्यूजी वर्क रूट

इस योजना के तहत ब्रिटेन के नियोक्ता पात्र शरणार्थियों को नौकरी का अवसर देकर स्पॉन्सर कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक के पास भाग लेने वाले नियोक्ता की ओर से रोजगार का प्रस्ताव होना जरूरी होगा।

कब से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया?

ब्रिटेन सरकार के मुताबिक, कम्युनिटी स्पॉन्सरशिप और रिफ्यूजी स्टडी रूट के लिए लीड स्पॉन्सर बनने की इच्छुक संस्थाओं से आवेदन 29 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुके हैं। वहीं, रिफ्यूजी वर्क रूट के लिए आवेदन प्रक्रिया 2027 के वसंत में शुरू होने की उम्मीद है।

इन योजनाओं के तहत शरणार्थियों का पहला समूह शरद ऋतु 2027 से ब्रिटेन पहुंच सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति का चयन उसकी पात्रता, सुरक्षा जांच और स्पॉन्सरशिप की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

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