S Jaishankar on Pakistan: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान पर कड़ा हमला किया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा कि कुछ देश परिस्थितियों के चलते विकास की दौड़ में पीछे छूट जाते हैं, लेकिन कुछ देश जानबूझकर ऐसे विनाशकारी निर्णय लेते हैं जिनका असर उनके भविष्य पर पड़ता है। जयशंकर ने कहा कि ऐसे देश कट्टरता और आतंकवाद के निर्यात से जाने जाते हैं, जो उनकी प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं।
आतंकवाद पर कठोर टिप्पणी
जयशंकर ने पाकिस्तान का सीधा उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद को पनाह देने और उसे फैलाने वाले देशों के विकास पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे देशों की प्रगति का आकलन आतंकवाद और कट्टरता के आधार पर किया जा सकता है, न कि उनकी आर्थिक वृद्धि या जीडीपी के माध्यम से। विदेश मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद से जुड़े देश न केवल अपने बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बन जाते हैं, और ऐसे देशों को इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
यूक्रेन और गाजा के हालात पर चिंता
जयशंकर ने अपने संबोधन में यूक्रेन और गाजा के मौजूदा हालातों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में शांति और स्थिरता लाने के लिए वैश्विक समुदाय को एकजुट होना चाहिए। यूक्रेन और गाजा में हो रहे संघर्ष से दुनिया भर के लोगों की जानें जा रही हैं और इससे वैश्विक सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने इस दिशा में ठोस प्रयास करने का आग्रह किया ताकि इन इलाकों में चल रही हिंसा और अस्थिरता को रोका जा सके।
वैश्विक शांति और स्थिरता की आवश्यकता
जयशंकर ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान समय में दुनिया को अधिक शांति, स्थिरता और सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर आतंकवाद, हिंसा और अस्थिरता के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता के बिना किसी भी देश की प्रगति संभव नहीं है, और इसके लिए सभी देशों को जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा।
पाकिस्तान पर जयशंकर का तीखा हमला
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से पाकिस्तान को आतंकवाद और कट्टरता के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, वे अपनी और दूसरों की प्रगति में बाधक होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यूक्रेन और गाजा के हालातों पर भी चिंता जताई और वैश्विक शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
