UP Jal Jeevan Mission: यूपी के 2.25 करोड़ परिवारों को मिला नल से शुद्ध पानी, 38 हजार गांवों में पहुंचा हर घर जल

UP Jal Jeevan Mission: योगी सरकार की हर घर जल योजना से ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 2.25 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। वहीं, 38,317 गांवों में हर घर तक नल से पानी पहुंच चुका है। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को भी प्रशिक्षित किया गया है।

जल जीवन मिशन से यूपी के गांवों में पहुंच रहा शुद्ध पेयजल

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अब पीने के पानी के लिए पहले की तरह परेशान नहीं होना पड़ रहा है। योगी सरकार की हर घर जल योजना के तहत गांव-गांव तक पाइपलाइन बिछाकर घरों में नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसका मकसद है कि हर ग्रामीण परिवार को घर पर ही साफ, सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला पानी मिल सके।

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में कुल 2 करोड़ 67 लाख 20 हजार घरों तक ग्रामीण पाइप पेयजल योजना पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 2 करोड़ 25 लाख से ज्यादा परिवारों को चालू हालत में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों को घर बैठे नल के जरिए पीने का पानी मिल रहा है।

बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में 98.50 फीसदी परिवारों तक पहुंचा नल का पानी

प्रदेश के बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के नौ जिलों में भी हर घर जल योजना के तहत अच्छी प्रगति हुई है। यहां ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के जरिए तय लक्ष्य के मुकाबले 98.50 प्रतिशत परिवारों को चालू नल कनेक्शन मिल चुका है।

इन इलाकों में पानी की उपलब्धता हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में पाइपलाइन के जरिए घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिल रही है। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों में भी हर परिवार को नियमित रूप से साफ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

यूपी के 66 जिलों में 2.25 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मिला नल कनेक्शन

विंध्य और बुंदेलखंड के नौ जिलों के अलावा प्रदेश के बाकी 66 जिलों में भी योजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन जिलों में कुल 2,46,21,140 परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अब तक 2,25,81,445 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिया जा चुका है। बाकी बचे परिवारों को भी योजना से जोड़ने के लिए ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं पर काम जारी है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के हर गांव और हर घर तक साफ पानी की सुविधा पहुंचाई जा सके।

38,317 गांवों में हर घर जल योजना का लक्ष्य पूरा

हर घर जल योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 38,317 गांवों में सभी घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए जा चुके हैं। इनमें से 28,309 से ज्यादा गांवों को संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से हर घर जल प्रमाणित भी किया जा चुका है।

इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में पानी पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसके लिए करीब 5.64 लाख किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 5.20 लाख किलोमीटर से ज्यादा पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इससे ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई का ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है।

सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को मिल रहा साफ पीने का पानी

योगी सरकार की हर घर जल योजना का फायदा सिर्फ ग्रामीण परिवारों तक ही सीमित नहीं है। इसके तहत प्रदेश के 1,16,340 विद्यालयों में भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पीने के लिए साफ पानी मिल रहा है।

स्कूलों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता से बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ उनकी सेहत और स्वच्छता का भी ध्यान रखा जा रहा है।

पानी की गुणवत्ता जांच रहीं 5 लाख से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं

हर घर जल योजना में सिर्फ नल कनेक्शन देने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश की पांच लाख से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को पानी की जांच करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

अब ये महिलाएं गांवों में ही पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने में मदद कर रही हैं। इससे पानी की शुद्धता पर नजर रखने के साथ ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता से पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।

राष्ट्रीय जल पुरस्कार में यूपी को मिला दूसरा स्थान

जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। पांचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में प्रदेश को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हर घर जल योजना के तहत पाइपलाइन का विस्तार, घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाना, स्कूलों में साफ पानी की व्यवस्था और ग्रामीण महिलाओं को जल परीक्षण के लिए प्रशिक्षित करना जैसे प्रयास इस उपलब्धि का अहम हिस्सा हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रदेश के बचे हुए सभी ग्रामीण परिवारों तक भी नियमित और गुणवत्तायुक्त पेयजल की सुविधा पहुंचाई जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *