Indian Citizenship: राज्यसभा में गुरुवार को पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 2,16,219 भारतीयों ने अपनी नागरिकता त्याग दी। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने इस मामले पर लिखित जवाब दिया और पिछले पांच वर्षों (2019-2023) में इस प्रवृत्ति पर जानकारी साझा की।मंत्री सिंह ने यह भी बताया कि 2023 में नागरिकता त्यागने की संख्या 2022 के मुकाबले कम रही। 2022 में, कुल 2,25,620 भारतीयों ने नागरिकता छोड़ने का निर्णय लिया था। यह आंकड़ा भारतीय नागरिकता त्यागने की प्रवृत्ति को दर्शाता है और आगामी वर्षों में इस पर नजर रखने की आवश्यकता को इंगित करता है।
पिछले पांच साल के ये हैं आंकड़े…
साल नागरिकता त्यागने की संख्या
2023 2,16,219
2022 2,25,620
2021 1,63,370
2020 85,256
2019 1,44,017
प्रवासी भारतीय समुदाय देश के लिए एक संपत्ति- सरकार
मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार ज्ञान और अर्थव्यवस्था के युग में वैश्विक कार्यस्थल की क्षमता को पहचानती है। इससे भारतीय प्रवासियों के साथ अपने जुड़ाव में भी परिवर्तनकारी बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि एक सफल, समृद्ध और प्रभावशाली प्रवासी भारतीय समुदाय देश के लिए एक संपत्ति है।
इन वजहों से लोग छोड़ते हैं नागरिकता
बता दें कि लोग बेहतर नौकरी, रहन-सहन और अच्छी लाइफस्टाइल के लिए दूसरे देशों की नागरिकता लेते हैं। साथ ही लोग अपने देश में अवसरों की कमी की वजह से भी लोग ऐसा करते हैं।
