65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश ने पिछले खरीद सत्र में 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की थी, जो देश में सर्वाधिक थी। इस वर्ष खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके लिए 8 क्रय एजेंसियों के माध्यम से कुल 4500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। शुक्रवार तक प्रदेश में 4195 क्रय केंद्र खोले जा चुके थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खरीद के 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए पूरी खरीद प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है।
इसके अलावा धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मौसम को ध्यान में रखते हुए क्रय केंद्रों पर छाया, पेयजल और बैठने सहित सभी जरूरी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पूर्वी यूपी के इन संभागों में 1 नवंबर से होगी धान खरीद
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभाग में 1 नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी।
इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जनपदों में भी इसी तारीख से खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन सभी क्षेत्रों में धान खरीद 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
धान बेचने के लिए यहां कराएं किसान पंजीकरण
धान खरीद के लिए अब तक 38 हजार से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
धान बिक्री के दौरान किसी तरह की समस्या होने पर किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर शिकायत या जानकारी दे सकते हैं। संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
