तेलंगाना BJP अध्यक्ष ने दी कार्यक्रम की जानकारी
तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने सोमवार को पदयात्रा की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर राज्य और देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ पदयात्रा आयोजित की जा रही है, जिसमें अमित शाह शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर भी राव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है कि एक चाय बेचने वाला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बना। राव ने कहा कि 2014 से लगातार चुनावी हार के बाद कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए बेचैन है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस पर आरोप
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को उनके पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले जाने की चुनौती दी, ताकि वहां मतदाता सूची से हटाए गए नामों की स्थिति देखी जा सके।
राव ने कहा कि यदि SIR के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो उसे दोबारा शामिल कराने का विकल्प उपलब्ध है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही गई है।
13 करोड़ नामों पर BJP नेता ने क्या कहा?
रामचंदर राव के दावे के मुताबिक, जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है, वे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या एक से अधिक जगहों पर दर्ज मतदाताओं की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें 2.8 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी है, तीन करोड़ लोग अपने पते पर नहीं मिले, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए और करीब एक करोड़ नाम कई जगह दर्ज थे।
उन्होंने हैदराबाद के एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उस व्यक्ति ने तीन अलग-अलग जगहों पर मतदान करने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, ये आंकड़े और दावे राव के बयान पर आधारित हैं।
मंत्रियों से 10 मतदाताओं के उदाहरण देने की मांग
बीजेपी नेता ने तेलंगाना के कांग्रेस मंत्रियों से कम से कम 10 ऐसे मतदाताओं को सामने लाने को कहा, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हों। उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे मामलों में नाम हटाए जाने के कारण स्पष्ट किए जाएं।
‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच अमित शाह की हैदराबाद पदयात्रा को पार्टी के राजनीतिक अभियान के अहम कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
