केरल भूस्खलन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वायनाड दौरा और राज्य के पुनर्वास प्रयास

Kerala Landslide: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वायनाड दौरा

Kerala Landslide: केरल के वायनाड जिले में पिछले महीने हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर भूस्खलन की घटनाओं ने इस क्षेत्र में भीषण तबाही मचाई है। इसके चलते कई लोगों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए। वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई इलाकों में भूस्खलन ने घरों, फसलों और बुनियादी ढांचे को व्यापक रूप से नुकसान पहुंचाया है। इस संकट से जूझ रहे राज्य के समर्थन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को वायनाड का दौरा करेंगे।

Kerala Landslide: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करना और राज्य को आवश्यक केंद्रीय सहायता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से इस आपदा को “राष्ट्रीय आपदा” और “गंभीर आपदा” घोषित करने का अनुरोध किया है, ताकि राज्य को पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए पर्याप्त सहायता मिल सके।

Kerala Landslide: भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र

वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई क्षेत्रों में हुए भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल बचाव और राहत कार्यों में जुटकर प्रभावित लोगों की सहायता की है। अब तक 420 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है, जिसमें से 178 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं और 233 शवों को दफनाया जा चुका है। सीएम विजयन ने कहा कि अभी भी तलाशी और बचाव अभियान जारी है, और 195 शवों के डीएनए नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

राज्य सरकार की अपील

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य को पुनर्वास के लिए केंद्रीय सहायता की आवश्यकता है और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान स्थिति को समझते हुए अनुकूल रुख अपनाएंगे। केंद्र सरकार ने इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक नौ सदस्यीय समिति गठित की है, जिसके अध्यक्ष ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है।

राहत और पुनर्वास प्रयास

राज्य सरकार, केंद्र सरकार, और स्थानीय प्रशासन ने इस संकट से निपटने के लिए व्यापक प्रयास किए हैं। सेना, एसओजी अधिकारियों, वन अधिकारियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर फोर्स, और केरल पुलिस ने मिलकर तलाशी और बचाव अभियान चलाया है। 30 जुलाई को शुरू हुए दस दिनों के लंबे बचाव अभियान के बाद, भारतीय सेना जल्द ही वायनाड से रवाना होने वाली है, और बचाव कार्य एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को सौंपा जाएगा।

दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की भूमिका

मुख्यमंत्री विजयन ने राज्य को दान, कपड़े, और अन्य सुविधाओं के रूप में मिले समर्थन की सराहना की है। खासकर, दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से सीएमडीआरएफ के लिए मिले समर्थन की उन्होंने प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, “यह देखकर खुशी होती है कि पूरा केरल राज्य वायनाड के उत्थान के लिए एकजुट हो रहा है।”

निष्कर्ष

केरल के वायनाड में आई इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से उम्मीद है कि राज्य को केंद्रीय सहायता मिलेगी और पुनर्वास के प्रयासों में तेजी आएगी। वायनाड के निवासियों को इस मुश्किल समय में राज्य और देश की एकजुटता की जरूरत है, और हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

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