18,300 अग्निवीरों की चार साल की सेवा होगी पूरी, हरियाणा सरकार ज्वाइनिंग लेटर देने को तैयार

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सैन्य सेवाओं से बाहर होने वाले हैं। 31 दिसंबर तक इन अग्निवीरों की सेवा समाप्त होने की संभावना है। इसके बाद उनके सामने नए करियर और रोजगार की चुनौती होगी। इस बीच हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में शामिल करने की तैयारी की है।

सेना, नौसेना और वायुसेना से निकलेंगे अग्निवीर

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि पहले बैच के लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नवंबर के मध्य से दिसंबर के अंत तक सैन्य सेवाओं से बाहर हो सकते हैं।

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पहले बैच में तीनों सेनाओं में कुल 24,400 अग्निवीर भर्ती हुए थे। इनमें अलग-अलग सेवाओं में भर्ती जवानों की संख्या इस प्रकार बताई गई है:

  • भारतीय सेना: लगभग 19,000 अग्निवीर
  • भारतीय वायुसेना: लगभग 2,850 अग्निवीर
  • भारतीय नौसेना: लगभग 2,550 अग्निवीर

इन आंकड़ों के आधार पर करीब 18,300 अग्निवीरों के चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 31 दिसंबर तक बाहर आने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक संख्या और सेवा समाप्ति की तारीखों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

हरियाणा सरकार अग्निवीरों को देगी ज्वाइनिंग लेटर

अग्निवीरों की सैन्य सेवा पूरी होने के बीच हरियाणा सरकार ने उन्हें रोजगार देने की तैयारी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को चंडीगढ़ में कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों को सेवाओं में शामिल करने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, उन्होंने हरियाणा विधानसभा में भी इस संबंध में बयान दिया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से अग्निवीरों को सीधे ज्वाइनिंग लेटर जारी करने की व्यवस्था की गई है।

सैनी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि अग्निवीरों के पहुंचने पर उन्हें ज्वाइनिंग लेटर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

26 नवंबर को पहुंच सकता है पहला बैच

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान के अनुसार, अग्निवीरों का पहला बैच 26 नवंबर को हरियाणा पहुंचने की संभावना है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार रहने को कहा है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कितने अग्निवीरों को किन-किन विभागों और पदों पर नियुक्त किया जाएगा। नियुक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी और पात्रता की शर्तों को आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही स्पष्ट किया जा सकेगा।

चार साल बाद अग्निवीरों के सामने नई नौकरी की चुनौती

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों की सैन्य सेवा चार साल की होती है। सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बने रहने का अवसर नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें सरकारी नौकरियों, निजी क्षेत्र और अन्य करियर विकल्पों की ओर रुख करना पड़ता है।

पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के साथ ही उनके पुनर्वास और रोजगार का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। हरियाणा सरकार की घोषणा के बाद अब नियुक्तियों की प्रक्रिया, पदों की संख्या और पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी पर नजर रहेगी।

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