नितिन गडकरी ने खरगे के बयान को बताया निंदनीय
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने जो कहा, वह अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस बयान की जितनी कड़ी निंदा की जाए, कम है।
गडकरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर पहले भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उनकी साधारण पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया गया और उनकी माता के लिए भी अपशब्द कहे गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब कांग्रेस के सबसे बड़े नेता भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे?
‘राजनीति की मर्यादा का भी अपमान’
नितिन गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना और उससे सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश से चुने गए प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को राजनीतिक बहस में घसीटना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि राजनीति की मर्यादा का भी अपमान है। गडकरी के मुताबिक, जब तर्क कम पड़ जाते हैं, तब भाषा बिगड़ने लगती है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले पर विचार करने और मल्लिकार्जुन खरगे से अपने शब्दों पर खेद जताने की अपील की।
अमित शाह ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
खरगे के कथित बयान को लेकर बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।
बीजेपी ने इस मामले में खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने देशभर में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा भी की है। इस बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव तेज होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के एक कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए भाषण दे रहे थे। इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।
बताया जा रहा है कि इस टिप्पणी के जवाब में खरगे ने विवादित बयान दिया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी इस बयान को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है और खरगे से माफी की मांग कर रही है।
